सोशल संवाद /डेस्क : भारतीय नौसेना को विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित अत्याधुनिक डीप-सी रेस्क्यू वेसल (Diving Support Vessel) ‘निपुण’ सौंप दिया गया है। यह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल है, जो नौसेना की गहरे समुद्र में बचाव अभियान, पनडुब्बी सहायता और विशेष अंडरवॉटर ऑपरेशन की क्षमता को नई मजबूती देगा।
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‘निपुण’ का नाम संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ कुशल, दक्ष और किसी कार्य में पारंगत होता है। यह जहाज समुद्र की गहराइयों में डाइविंग ऑपरेशन, पनडुब्बी बचाव अभियान (Submarine Rescue) और अन्य जटिल समुद्री मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम है। किसी आपात स्थिति में यह जहाज समुद्र के भीतर फंसे नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और विशेष बचाव अभियान चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अत्याधुनिक पोत में डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम, सैचुरेशन डाइविंग सिस्टम, सबमरीन रेस्क्यू क्षमता और डीप-सी इंटरवेंशन उपकरण लगाए गए हैं। इन आधुनिक तकनीकों की मदद से नौसेना समुद्र की गहराइयों में अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी तरीके से अभियान चला सकेगी। साथ ही जहाज का निर्माण भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) के मानकों के अनुरूप किया गया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘निपुण’ के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और अंडरवॉटर ऑपरेशनल क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण को भी नई मजबूती देती है और भविष्य में भारतीय नौसेना को गहरे समुद्र से जुड़े चुनौतीपूर्ण अभियानों में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाएगी।









