सोशल संवाद/डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब सिर्फ जंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सबसे बड़ा केंद्र बन गया है Strait of Hormuz, यही वह अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ईरान ने इस पर अपना नियंत्रण मजबूत करते हुए इसे बंद कर रखा है, जिससे वैश्विक स्तर पर असर दिखने लगा है। अमेरिका इस रास्ते को खुलवाने की कोशिश में लगा है, लेकिन लगातार नाकामी के चलते दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी अटक गई है।
यह भी पढ़ें: जर्मनी का बड़ा फैसला: 17-45 पुरुषों की विदेश यात्रा पर रोक, अब सेना से लेनी होगी अनुमति
इस बीच अमेरिकी नेता Donald Trump ने होर्मुज को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि भविष्य में इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अमेरिका टोल वसूल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस व्यवस्था को कैसे लागू किया जाएगा, क्योंकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप के बयान से यह भी संकेत मिला है कि अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश के नियंत्रण में न रहे, बल्कि इसमें उसकी भी हिस्सेदारी हो।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना के पास इतनी क्षमता है कि जरूरत पड़ने पर वह बेहद कम समय में ईरान के अहम ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका का मकसद तबाही नहीं है और अगर हालात सामान्य होते हैं तो वह ईरान के पुनर्निर्माण में सहयोग भी कर सकता है। इससे साफ है कि अमेरिका एक तरफ दबाव की रणनीति अपना रहा है, तो दूसरी तरफ बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहता है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में हालात तब और गंभीर हो गए, जब हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई। इसके बाद से ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए होर्मुज को बंद कर दिया, जो अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या होर्मुज स्ट्रेट इस टकराव को खत्म करने की चाबी बनेगा या फिर यही आगे भी संघर्ष की सबसे बड़ी वजह बना रहेगा।









