सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रभु श्रीराम के मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी होने के बाद भी अभी तक ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी हो गया।
राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं। मैं सरकार से पहला सवाल पूछ रहा हू कि पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है। सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं। उन्हें अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे?
मंगलवार को “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि राम मंदिर में अरबों रुपए के चढ़ावे की चोरी हो गई है। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का तो कैश ही चोरी हो गया है। श्रद्धालु मंदिर जाते हैं और भगवान के सामने पैसे व हीरे-जवाहरात चढ़ाते हैं। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का कैश और कई सारे हीरे-जवाहरात के बक्से चोरी हो गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे-जैसे यह बात फैलती जा रही है, हर राम भक्त और हर सनातनी बहुत ज्यादा दुखी है। मैंने बहुत लोगों से बात की। लोगों के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं कि आखिर यह क्या हो गया? मोटे तौर पर पांच प्रश्न निकलकर आ रहे हैं। आज मैं पहला प्रश्न जनता के सामने रख रहा हूं और अगले दो-तीन दिन में बाकी प्रश्न भी सबके सामने रखूंगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस मंदिर को एक ट्रस्ट चलाता है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बनाया गया था। इस ट्रस्ट में चंपत राय जनरल सेक्रेटरी हैं और वही सर्वेसर्वा हैं। पूरा मैनेजमेंट उन्हीं के हाथ में है और वही मंदिर चलाते हैं। सबसे ज्यादा आरोप उन्हीं के ऊपर लग रहे हैं। आखिर चंपत राय कौन हैं, कहां से आए हैं, वे न कोई संत हैं और न ही कोई महात्मा। बड़े-बड़े नाम लिए जा रहे हैं कि वे किसके आदमी हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी चोरी की घटना होने के बावजूद अभी तक मंदिर का प्रबंधन उन्हीं के हाथ में है और उन्हें पद से हटाया नहीं गया है। मंदिर अभी भी वही चला रहे हैं। क्या उन्हें सारे सबूत खत्म करने और गवाहों को पलटने के लिए समय दिया जा रहा है? आखिर उन्हें कौन बचा रहा है, जनता यह सवाल जानना चाहती है।










