सोशल संवाद / जमशेदपुर: शहर में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं और बाजारों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता अपराधियों पर कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि व्यापारियों और छोटे दुकानदारों पर अनावश्यक सख्ती।
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जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में 24 सितंबर को हथियारबंद अपराधियों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाकर बड़ी लूट को अंजाम दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक बैंक से नकदी और बड़ी मात्रा में गोल्ड की लूट हुई। इसके बाद शहर में ज्वेलरी दुकान में चोरी और मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना भी सामने आई। फायरिंग में चार लोगों के घायल होने की पुलिस रिपोर्ट सामने आई है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने कहा कि इन घटनाओं को केवल अलग-अलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, जब दिनदहाड़े बैंक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है, तो व्यापारियों और ग्राहकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग और चेकिंग के बावजूद यदि इस तरह की घटनाएं होती हैं तो पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए, जबकि व्यापारी और ग्राहक पुलिस की मौजूदगी को सुरक्षा के रूप में महसूस करें।
बाजारों में कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
अभिषेक अग्रवाल ने बिष्टूपुर में शनिवार रात बाजार और दुकानों में खरीदारी कर रहे लोगों तथा व्यापारियों के साथ कथित रूप से लाठी चलाए जाने की शिकायतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने दुकानों के खुलने और बंद होने को लेकर कोई समय निर्धारित किया है तो इसकी लिखित अधिसूचना सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दुकानों के संचालन को लेकर कोई निर्धारित समय है तो व्यापारियों को यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि नियम क्या हैं और किन क्षेत्रों में लागू हैं। उनके मुताबिक, नियम स्पष्ट होने पर व्यापारी भी उनका पालन कर सकेंगे और प्रशासन को कार्रवाई के दौरान किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं होगी।
छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि नियमों का पालन करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई कानूनसम्मत, संयमित और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे ठेला-खोमचा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते समय क्या मानवीय दृष्टिकोण नहीं अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाजार में खरीदारी करने आए परिवार, दुकानदार और कर्मचारी पुलिस से सुरक्षा और सहयोग की उम्मीद करते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान आम नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
दुर्गापूजा, दीपावली और छठ को लेकर विशेष सुरक्षा की मांग
आगामी दुर्गापूजा, दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए अभिषेक अग्रवाल ने शहर के बाजारों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, ऐसे में पुलिस पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी, ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने प्रशासन से व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर पहले से स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने की मांग की, ताकि व्यापारी सुरक्षित माहौल में कारोबार कर सकें और लोग भी बिना भय के खरीदारी कर सकें।
‘व्यापारियों को पुलिस की लाठी नहीं, सुरक्षा चाहिए’
अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने कहा कि व्यापारी कानून का पालन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट नियम, लिखित आदेश और सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार भी है। उन्होंने प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से हाल की आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील बाजार क्षेत्रों में प्रभावी पेट्रोलिंग और आगामी त्योहारों के लिए विशेष सुरक्षा एवं यातायात योजना तैयार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यदि दुकानों के संचालन समय को लेकर कोई आदेश लागू है तो उसे तत्काल सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके शब्दों में, “जमशेदपुर के व्यापारियों को पुलिस की लाठी नहीं, पुलिस की सुरक्षा चाहिए; ग्राहकों को डर नहीं, सुरक्षित बाजार चाहिए और अपराधियों को कानून का भय होना चाहिए।”











