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जमशेदपुर की सड़कों पर मौत का खतरा: गड्ढों ने ली मजदूर की जान, जिम्मेदार कौन?

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेमको से अन्ना चौक होते हुए टाटा पावर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर बने गहरे गड्ढों ने एक मजदूर की जान ले ली। बताया जा रहा है कि खराब सड़क और गड्ढों की वजह से बाइक अनियंत्रित हो गई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क की स्थिति और खराब हो चुकी है। यही वजह है कि रोजाना हजारों कर्मचारियों और मजदूरों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा साबित हो रहा है।

इस सड़क के आसपास Tata Motors, Tata Power, Nuvoco Vistas Corp Ltd और जेमको जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। ऐसे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी और भारी वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। बावजूद इसके सड़क के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो सड़क की स्थायी मरम्मत की गई और न ही चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग जैसे सुरक्षा उपाय किए गए। हादसे के बाद विरोध की आशंका को देखते हुए संबंधित प्रबंधन ने सुबह के समय सड़क को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर लीपापोती की मरम्मत शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ दिखावा है, जबकि जरूरत पूरी सड़क के पुनर्निर्माण और ठोस निगरानी व्यवस्था की है।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि शहरी विकास के दावों के बीच बुनियादी ढांचे की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। सवाल यह है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या संबंधित विभाग और कंपनियां मिलकर सड़क सुरक्षा की ठोस योजना बनाएंगी, या फिर आम नागरिकों की जान यूं ही खतरे में पड़ती रहेगी? अब शहरवासियों की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और सड़क की स्थायी मरम्मत जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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