सोशल संवाद / डेस्क : देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced 2026 आयोजित कराने वाले IIT रुड़की की एक गंभीर तकनीकी लापरवाही सामने आई है। इस चूक का खुलासा किसी विशेषज्ञ एजेंसी ने नहीं, बल्कि महज 16 वर्षीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ने किया है। छात्र ने परीक्षा परिणाम से जुड़ी वेबसाइट में मौजूद एक बड़ी डेटा सुरक्षा खामी की पहचान कर संस्थान को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद IIT रुड़की ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्या को दूर किया।
बिना ऑथेंटिकेशन के उपलब्ध था संवेदनशील डेटा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सक्रिय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर Rylen Anil (@DarthKermy72747) ने दावा किया कि JEE Advanced 2026 के रिजल्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में उपयोग किए गए पब्लिक क्लाउड स्टोरेज की कॉन्फ़िगरेशन में गंभीर गड़बड़ी थी। इस वजह से बड़ी मात्रा में उम्मीदवारों का डेटा बिना किसी ऑथेंटिकेशन के सार्वजनिक रूप से एक्सेस किया जा सकता था।
रिसर्चर के अनुसार, इस तकनीकी खामी के कारण करीब 1,790 छात्रों के रिजल्ट रिकॉर्ड और लगभग 1.87 लाख एडमिट कार्ड PDF सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो गए थे। इन दस्तावेजों में उम्मीदवारों के नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थीं।
IIT रुड़की ने स्वीकार की गलती
मामले की जानकारी मिलने के बाद IIT रुड़की ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए रिसर्चर का धन्यवाद किया। संस्थान ने कहा कि क्लाउड स्टोरेज डिवाइस की सेटिंग से जुड़ी समस्या की पहचान होने के बाद इसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया।
IIT रुड़की ने अपने बयान में कहा कि स्टोर किया गया डेटा केवल “रीड-ओनली” मोड में था, इसलिए उसमें किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं था। साथ ही संस्थान ने छात्र के जिम्मेदार और नैतिक साइबर रिसर्च व्यवहार की सराहना की।
रिसर्चर ने भी की संस्थान की सराहना
समस्या के समाधान के बाद Rylen Anil ने भी IIT रुड़की की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके प्रयास से सिस्टम की सुरक्षा बेहतर हुई और संस्थान ने उनकी रिपोर्ट को गंभीरता से लिया।
परीक्षा एजेंसियों पर लगातार उठ रहे सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश की प्रमुख परीक्षा एजेंसियां पहले से ही विवादों में घिरी हुई हैं। एक ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े आरोपों का सामना कर रही है, वहीं CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में इस्तेमाल की गई OSM प्रणाली को लेकर आलोचनाओं का केंद्र बना हुआ है।
अब IIT रुड़की की इस डेटा सुरक्षा चूक ने देश की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं और परीक्षा आयोजकों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









