---Advertisement---
Banner 1
Banner 2

झारखंड हाई कोर्ट से 18 साल से कार्यरत NHM ANM कर्मियों को बड़ी राहत, नियमितीकरण मामले में राज्य सरकार से मांगा जवाब

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Interim relief to NHM ANM workers working for 18 years

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / झारखण्ड : झारखंड हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत पिछले करीब 18 वर्षों से संविदा पर कार्यरत एएनएम (ANM) कर्मियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने नियमितीकरण की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है और अंतरिम राहत प्रदान करते हुए स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय आने तक किसी भी याचिकाकर्ता को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।

यह भी पढ़े : झारखंड के गांवों के विकास पर खर्च होंगे 14 हजार करोड़ रुपये, सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कुमारी गायत्री एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि मामले में अंतिम आदेश पारित होने तक किसी भी याचिकाकर्ता एएनएम को सेवा से नहीं हटाया जाए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि सभी याचिकाकर्ताओं को उनका वेतन नियमित रूप से दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को निर्धारित की गई है।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता समीर सहाय और तेजस्विता सफलता ने अदालत को बताया कि सभी प्रार्थी झारखंड के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत लगभग 18 वर्षों से संविदा पर कार्यरत हैं।

इसके बावजूद आज तक उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है। वे लंबे समय से न्यूनतम वेतन पर कार्य कर रहे हैं और नौकरी की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप

याचिका में कहा गया है कि वर्षों तक लगातार सेवा देने के बावजूद एएनएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान सेवा सुरक्षा, वेतनमान और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इससे संविदा कर्मियों के सामने रोजगार की असुरक्षा बनी हुई है।

राज्य सरकार से मांगा जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि अंतिम फैसला आने तक किसी भी याचिकाकर्ता की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी और उनका वेतन जारी रहेगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी, जहां राज्य सरकार अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखेगी।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version