---Advertisement---
Banner 1
Banner 2

ई-वेस्ट निपटान पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगा जवाब

By Riya Kumari

Published :

Follow
ई-वेस्ट निपटान पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगा जवाब

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची: इलेक्ट्रॉनिक कचरे (E-Waste) के बढ़ते खतरे को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) से ई-वेस्ट के संग्रहण, प्रबंधन और निपटान को लेकर विस्तृत जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

यह भी पढे : RIMS में न्यूरोसर्जरी मरीजों को बड़ी राहत, 70 नए बेड बढ़ेंगे; फर्श पर इलाज की मजबूरी होगी खत्म

ई-वेस्ट बनता जा रहा बड़ी पर्यावरणीय चुनौती

मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ ई-वेस्ट की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया गया तो यह पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। देशभर में ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर न्यायालय और पर्यावरणीय संस्थाएं लगातार चिंता जता रही हैं।

हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा कि ई-वेस्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन के लिए क्या व्यवस्था की गई है। साथ ही यह भी जानना चाहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रह, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) और सुरक्षित निस्तारण के लिए राज्य में कितने अधिकृत केंद्र कार्यरत हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार ई-वेस्ट में सीसा, पारा, कैडमियम और अन्य कई जहरीले तत्व पाए जाते हैं। इनका गलत तरीके से निपटान मिट्टी, जल स्रोतों और वायु को प्रदूषित कर सकता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी निगरानी और अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है।

जवाब के बाद आगे होगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत राज्य में ई-वेस्ट प्रबंधन की मौजूदा स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार करेगी।

जिम्मेदार निपटान पर बढ़ा जोर

पर्यावरणविदों का मानना है कि ई-वेस्ट के बढ़ते संकट से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियों, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग और उनके वैज्ञानिक निस्तारण से ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है।

Keywords: Jharkhand High Court News, E-Waste Management, Electronic Waste Disposal, Jharkhand Pollution Control Board, Ranchi News, Environmental News, E-Waste Recycling, Jharkhand Latest News

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---