सोशल संवाद /डेस्क : झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान आइसा की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के मामले में आरोपी अमरनाथ पांडेय को रांची सिविल कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने आरोपी को शर्तों के साथ जमानत दे दी है।
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मामला रांची में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने के बाद मामला काफी चर्चा में आया था। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमरनाथ पांडेय को आरोपी बनाया था।
कोर्ट ने जमानत के साथ रखी शर्तें
रांची सिविल कोर्ट ने अमरनाथ पांडेय को जमानत देते हुए कुछ शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है। आरोपी को नेहा बोरा से दूर रहने और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं करने को कहा गया है।
कोर्ट की ओर से मिली इस राहत के बाद अब आरोपी जेल से बाहर आ सकेगा, हालांकि उसे जमानत की शर्तों का पालन करना होगा।
छात्र आंदोलन के दौरान हुआ था विवाद
बता दें कि झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन चल रहा है। इसी दौरान रांची में प्रदर्शन के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई थी।
घटना के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और शांतिपूर्ण आंदोलन को लेकर भी सवाल उठे थे।
अब आगे क्या?
अमरनाथ पांडेय को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। वहीं, छात्र आंदोलन के बीच हुई इस घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं।
फिलहाल अदालत ने आरोपी को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि उसे जमानत की तय शर्तों का पालन करना होगा।









