---Advertisement---
Banner 1
Banner 2

CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन में झारखंड के छात्रों का कमाल, अवनी केजरीवाल बनीं नेशनल टॉपर, आदित्य मिश्रा भी शीर्ष स्थान पर

By Riya Kumari

Published :

Follow
CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन में झारखंड के छात्रों का कमाल, अवनी केजरीवाल बनीं नेशनल टॉपर, आदित्य मिश्रा भी शीर्ष स्थान पर

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची : CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) परिणामों ने झारखंड के छात्रों को नई पहचान दिलाई है। कॉपियों की दोबारा जांच के बाद राज्य के कई विद्यार्थियों के अंकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सबसे बड़ी उपलब्धि रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने हासिल की, जिन्होंने पूर्ण 500 में 500 अंक प्राप्त कर कॉमर्स स्ट्रीम में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया।

यह भी पढे : लखनऊ अग्निकांड: इमारत में लगी भीषण आग, 15 बच्चों की मौत, कई घायल; जांच के आदेश

री-इवैल्यूएशन के बाद 500 में 500 अंक

रांची के धुर्वा स्थित डीपीएस की छात्रा अवनी केजरीवाल को प्रारंभिक परिणाम में अपेक्षा से कम अंक मिले थे। इसके बाद उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। री-इवैल्यूएशन के बाद उनके कुल अंकों में 24 अंकों की बढ़ोतरी हुई और उनका स्कोर बढ़कर 500 में 500 हो गया। इस उपलब्धि के साथ वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं।

बोकारो के आदित्य मिश्रा ने भी बढ़ाया मान

झारखंड के लिए एक और गर्व की बात यह रही कि बोकारो के डीपीएस के छात्र आदित्य मिश्रा भी री-इवैल्यूएशन के बाद साइंस स्ट्रीम के संयुक्त टॉपर बन गए। उनके अंक बढ़कर 99.60 प्रतिशत हो गए, जिससे उन्हें देश के शीर्ष विद्यार्थियों में स्थान मिला।

पुनर्मूल्यांकन से बदली कई छात्रों की किस्मत

सीबीएसई द्वारा जारी री-इवैल्यूएशन परिणामों में कई छात्रों के अंकों में सुधार देखने को मिला। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का उद्देश्य मूल्यांकन में संभावित त्रुटियों को सुधारना और छात्रों को निष्पक्ष परिणाम उपलब्ध कराना है।

झारखंड के शिक्षा जगत में खुशी की लहर

अवनी केजरीवाल और आदित्य मिश्रा की सफलता के बाद झारखंड के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य के विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और प्रतिभा का प्रमाण है। सोशल मीडिया पर भी दोनों छात्रों को लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

छात्रों के लिए सीख

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संदेह हो तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। कई मामलों में यह प्रक्रिया छात्रों को उनका वास्तविक प्रदर्शन दिलाने में मददगार साबित होती है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version