सोशल संवाद / डेस्क : मानसून के बीच झारखंड के ऑटोमोबाइल बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। जुलाई 2026 में राज्य में वाहनों की खुदरा बिक्री में 21.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, जुलाई में झारखंड में कुल 54,671 वाहनों की बिक्री हुई, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 44,849 यूनिट था।

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दोपहिया वाहनों की बिक्री में 21.51% का उछाल
FADA के चेयरपर्सन गोविंद पी मेवाड़ के मुताबिक, जुलाई 2026 में झारखंड के लगभग सभी प्रमुख वाहन सेगमेंट में सकारात्मक ग्रोथ देखने को मिली। सबसे ज्यादा बिक्री दोपहिया वाहनों की रही। जुलाई में 40,023 दोपहिया वाहन बिके, जो पिछले साल की समान अवधि के 32,935 वाहनों के मुकाबले 21.51 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि मानसून के बावजूद झारखंड में दोपहिया वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है।
यात्री वाहनों की बिक्री भी बढ़ी
झारखंड में पैसेंजर व्हीकल यानी कार और अन्य यात्री वाहनों की बिक्री में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई 2026 में कुल 6,133 यात्री वाहनों की बिक्री हुई, जो जुलाई 2025 के मुकाबले 18.86 प्रतिशत अधिक है। वहीं, तीन पहिया वाहनों की बिक्री 27.18 प्रतिशत बढ़कर 3,678 यूनिट हो गई। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और इसकी बिक्री 29.38 प्रतिशत बढ़कर 1,744 यूनिट पहुंच गई।
ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण की मांग भी मजबूत
कृषि क्षेत्र से जुड़े ट्रैक्टरों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। जुलाई 2026 में झारखंड में 2,982 ट्रैक्टर बिके, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 2,437 यूनिट था। इसके अलावा, निर्माण उपकरणों की बिक्री में करीब 48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस श्रेणी में जुलाई के दौरान कुल 111 यूनिट की बिक्री हुई।
इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार अभी धीमी
झारखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि तो हुई, लेकिन इसकी रफ्तार पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में काफी कम रही। जुलाई में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री सिर्फ 1.44 प्रतिशत बढ़ी। कुल दोपहिया बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 4.49 प्रतिशत रही।
वहीं, इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 8.51 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके विपरीत इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 2.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सरकारी प्रोत्साहन की कमी बनी चुनौती
गोविंद पी मेवाड़ के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी सरकारी योजनाओं की कमी इनकी बिक्री में अपेक्षित तेजी नहीं आने की बड़ी वजह है। बेहतर प्रोत्साहन और नीतिगत समर्थन मिलने पर इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में तेजी आने की संभावना है।
चुनौतियों के बावजूद ऑटो बाजार मजबूत
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ती कीमतों जैसी चुनौतियों के बावजूद झारखंड में वाहन बिक्री का बढ़ना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि उपभोक्ताओं का भरोसा कायम है और झारखंड का ऑटोमोबाइल बाजार मजबूती से आगे बढ़ रहा है।









