सोशल संवाद / रांची : झारखंड की 4,345 पंचायतों को 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर 2026-27 से 2030-31 के बीच 14,231 करोड़ रुपये मिलेंगे। इनमें ₹11,385 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और ₹2,846 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल है।
इस अनुदानित राशि को ससमय उपलब्ध कराने की मांग झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान रखी। उन्होंने 20 प्रतिशत परफॉर्मेंस ग्रांट में जारी करने में उदारता दिखाने का अनुरोध भी 16 वें वित्त आयोग से किया। समय पर अनुदान राशि निर्गत नहीं होने से पंचायतों की विकास योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है। इस मौके पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह व केंद्रीय पंचायती राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल मौजूद रहे।
पंचायतों को सशक्त बनाने में मुख्य भूमिका निभाएगी राशिः
मंत्री दीपिका ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग की अनुशंसाएं झारखंड की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को सशक्त बनाने, स्थानीय विकास को गति व सेवा वितरण में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मांग: 15 वें वित्त आयोग का बकाया 750 करोड़ मिले
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष बकाया का मामला उठाया। उन्होंने मांग की कि 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को मिलने वाली बकाया राशि का भुगतान हो। जानकारी के अनुसार, झारखंड को 15वें वित्त आयोग के 3000 करोड़ के अनुदान में से 2250 करोड़ ही अब तक मिले हैं। 750 करोड़ राशि बकाया है।










