सोशल संवाद / रांची: अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और एंग्लो-इंडियन विरासत के लिए प्रसिद्ध मैक्लुस्कीगंज को झारखंड सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां पहले चरण में 50 विक्टोरियन शैली के होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करना है।
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सरकार की योजना के तहत स्थानीय निवासियों को अपने पारंपरिक घरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए 4 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मैक्लुस्कीगंज, जिसे ‘मिनी लंदन’ के नाम से भी जाना जाता है, अपनी ब्रिटिशकालीन वास्तुकला, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए लंबे समय से पर्यटकों की पसंद रहा है। यहां मौजूद पुराने विक्टोरियन बंगले, हरियाली और पहाड़ी परिवेश इसे झारखंड के सबसे अनोखे पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।
पर्यटन विभाग का मानना है कि होमस्टे परियोजना शुरू होने के बाद पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खान-पान और विरासत का करीब से अनुभव मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल रहती है, तो मैक्लुस्कीगंज आने वाले वर्षों में झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है और राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।









