सोशल संवाद / डेस्क : Jio Airtel vs Vodafone Idea: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में Jio, Airtel और Vodafone Idea (Vi) के बीच प्रतिस्पर्धा एक बार फिर चर्चा में है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक Bharti Airtel और Reliance Jio ने Vodafone Idea के खिलाफ TRAI में शिकायत की है। आरोप है कि Vi दूसरे ऑपरेटरों से अपना नंबर पोर्ट कराने वाले ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए खास ऑफर दे रही है। हालांकि, Vi ने कहा है कि वह नियमों के दायरे में रहकर काम कर रही है।
यह भी पढे : UPI MDR New Rule: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज, लेकिन ग्राहक से नहीं वसूला जाएगा पैसा
क्या है Jio और Airtel की शिकायत?
रिपोर्ट के मुताबिक Jio और Airtel ने Vodafone Idea की ओर से पोर्ट-इन यानी दूसरे नेटवर्क से Vi में आने वाले ग्राहकों के लिए दिए जा रहे कथित टैरिफ लाभ को लेकर TRAI के सामने चिंता जताई है। मामला अब नियामक के विचाराधीन है।
TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार, किसी ऑपरेटर की शिकायत मिलने पर नियामक मामले को देखता है। जरूरत पड़ने पर तीनों कंपनियों से सवाल-जवाब किए जा सकते हैं और उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
Vi ने क्या कहा?
Vodafone Idea ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा है कि कंपनी नियमों के मुताबिक काम करती है। कंपनी का कहना है कि वह अपने प्रोडक्ट और ग्राहकों को मिलने वाली वैल्यू पर भरोसा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह महीनों में Vi ने नए ग्राहकों को जोड़ने में सुधार दर्ज किया है। इसी दौरान कंपनी मुख्य रूप से अपने 4G नेटवर्क और किफायती प्लान्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।
सस्ते 4G प्लान क्यों बने चर्चा का विषय?
भारत में मोबाइल यूजर्स के बीच डेटा और कॉलिंग प्लान की कीमत एक अहम मुद्दा है। जहां टेलीकॉम कंपनियां 5G नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं, वहीं बड़ी संख्या में ग्राहक अभी भी 4G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसी वजह से कम कीमत वाले 4G प्लान टेलीकॉम कंपनियों के लिए ग्राहकों को बनाए रखने और नए ग्राहक जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बने हुए हैं। Vi के किफायती प्लान और 4G-केंद्रित रणनीति को लेकर मौजूदा प्रतिस्पर्धा इसी संदर्भ में देखी जा रही है।
TRAI की जांच में क्या होगा?
फिलहाल TRAI ने शिकायतों की जांच की बात कही है। नियामक तीनों कंपनियों से जानकारी मांग सकता है और संबंधित दस्तावेजों या सबूतों के आधार पर मामले को देख सकता है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि शिकायतों पर अंतिम तौर पर क्या कार्रवाई होगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब TRAI टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ और उपभोक्ता विकल्पों से जुड़े कई मुद्दों पर भी सक्रिय है। हाल में केवल वॉयस और SMS वाले प्लान को लेकर भी नियामकीय बदलावों पर चर्चा चल रही है।










