सोशल संवाद/जमशेदपुर : खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक यानी MMDR Bill के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पोटका में जनजागरण अभियान शुरू किया है। सोमवार को पोटका प्रखंड के उदाल गांव में विधायक संजीव सरदार ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर विधेयक के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों की जानकारी दी।
यह भी पढे : जम्मू-कश्मीर पर BJP का बड़ा बयान- राज्य का दर्जा बहाल होगा, अनुच्छेद 370 नहीं
उन्होंने ग्रामीणों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।
गांव-गांव पहुंचेगा JMM का अभियान
संजीव सरदार ने कहा कि JMM केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर पार्टी के कार्यकर्ता गांव, टोला और मोहल्ले तक जाकर लोगों को MMDR संशोधन विधेयक की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि झारखंड के संसाधनों, अधिकारों और भविष्य से जुड़ा मामला है।
खनिज संपदा को लेकर केंद्र पर निशाना
विधायक ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनिज से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाता है। उनका आरोप है कि संशोधन के कारण यदि राज्य के अधिकार और राजस्व प्रभावित होते हैं तो इसका असर सीधे झारखंड के विकास पर पड़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “खनिज हमारा और जमीन हमारी है तो केंद्र पैसा क्यों वसूलेगा?” उन्होंने कहा कि झारखंड के आर्थिक और खनिज अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का भी उठाया मुद्दा
संजीव सरदार ने केंद्र से झारखंड के करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के खनिज और राजस्व संबंधी अधिकार कमजोर होने से भविष्य में मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, इसका असर अंततः राज्य की जनता और गरीब परिवारों पर पड़ सकता है।
सरकारी योजनाओं पर असर पड़ने का दावा
विधायक ने कहा कि राज्य के राजस्व संसाधन मजबूत रहना जरूरी है, क्योंकि इन्हीं संसाधनों से कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलती हैं। उन्होंने मइया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आय प्रभावित होने पर इन क्षेत्रों पर भी असर पड़ सकता है।
महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला
संजीव सरदार ने महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, चीनी, प्याज और रोजमर्रा की दूसरी चीजों की बढ़ती कीमतों से आम लोग पहले से परेशान हैं। ऐसे में राज्य के आर्थिक संसाधनों पर असर पड़ना गरीब परिवारों के लिए दोहरी परेशानी पैदा कर सकता है।
बोले- जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेंगे लोग
विधायक ने कहा कि झारखंड की पहचान जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के संघर्ष से रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों को पूरे मामले की जानकारी देगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्य की जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतर सकती है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों से MMDR संशोधन विधेयक को समझने और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की गई।









