सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड में JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। एजेंसी ने CID में दर्ज FIR के आधार पर ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच का फोकस कथित परीक्षा धांधली से जुड़े पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और रकम के स्रोत पर रहेगा।
JPSC परीक्षा धांधली मामले में ED की जांच शुरू
जानकारी के मुताबिक, ED ने करीब एक सप्ताह पहले ECIR दर्ज की थी। अब एजेंसी ने मामले में जांच आगे बढ़ा दी है। जांच के दौरान उन लोगों के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जाएगी, जिन पर परीक्षाओं में गड़बड़ी करने का आरोप है।
ED यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या परीक्षा में कथित धांधली के बदले पैसों का लेन-देन हुआ था और अगर हुआ तो पैसा कहां से आया और कहां पहुंचा। यदि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध कमाई से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो एजेंसी आगे कार्रवाई कर सकती है।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इसी बीच JPSC को लेकर जारी विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इन सदस्यों से CID पहले ही कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई अन्य अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों सदस्यों से अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ की जानी है।
JPSC चेयरमैन भी दे चुके हैं इस्तीफा
JPSC विवाद के बीच आयोग के तत्कालीन चेयरमैन एल. खियांगते ने भी 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CID ने उनसे कई दौर की पूछताछ की।
बताया गया है कि 28 जुलाई को उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ हुई, जबकि 29 और 31 जुलाई को भी कई घंटे तक उनसे सवाल-जवाब किए गए। CID ने उनसे जुड़े सरकारी आवास समेत अन्य स्थानों पर तलाशी भी ली थी।
खियांगते ने अपने इस्तीफे को व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। अब ED की जांच शुरू होने के बाद मामले का आर्थिक पहलू भी जांच के दायरे में आ गया है। एजेंसी कथित तौर पर आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और पैसों के स्रोत की जांच कर सकती है। अगर किसी तरह की अवैध कमाई या मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिलते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
छात्रों के आंदोलन के बीच बढ़ा दबाव
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों ने पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन तक मार्च भी किया। विधानसभा घेराव को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
वहीं, विरोध के बीच JPSC ने पहले कंबाइंड सिविल सर्विसेज मेन्स परीक्षा को भी स्थगित किया था। परीक्षा को 25 से 27 जुलाई के बीच आयोजित किया जाना था।









