सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर करीब 26 दिनों तक चले आंदोलन के स्थगित होने के बाद छात्र संगठन अब आंदोलन को नए रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। छात्र नेताओं ने “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” शुरू करने का ऐलान किया है। यह यात्रा 24 अगस्त से रामगढ़ के नेमरा गांव से शुरू होगी और राज्य के सभी 24 जिलों के प्रमुख स्थानों तक पहुंचेगी।
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24 अगस्त से नेमरा से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
छात्र नेताओं के अनुसार, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से 24 अगस्त को भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा की शुरुआत की जाएगी। यात्रा का उद्देश्य झारखंड की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर छात्रों और आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। यात्रा के दौरान कॉलेज, विश्वविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय और छात्र समुदाय के बीच जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
सभी 24 जिलों में पहुंचेगी यात्रा
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा को पूरे झारखंड में ले जाने की योजना है। इसके लिए छात्र प्रतिनिधियों ने अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम और सोशल मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि अभियान के जरिए भर्ती परीक्षाओं में होने वाली कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को युवाओं के बीच उठाया जाएगा।
देवेंद्रनाथ महतो ने भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो का कहना है कि झारखंड गठन के बाद से भर्ती व्यवस्था को लेकर युवाओं के बीच कई सवाल बने हुए हैं। उनके अनुसार, अनियमितता, अपारदर्शिता, पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और पैरवी के आरोपों ने प्रतिभावान अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
26 दिनों के आंदोलन के बाद अब नया चरण
छात्र नेताओं के मुताबिक, हालिया आंदोलन की शुरुआत 2 जुलाई से हुई थी। इसके बाद 5 जुलाई से आंदोलन, 25 जुलाई से सत्याग्रह और 2 अगस्त से भूख हड़ताल का चरण शुरू किया गया।
छात्र नेताओं का दावा है कि आंदोलन को राज्यभर के छात्रों का व्यापक समर्थन मिला। उनके अनुसार, सरकार की ओर से 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गई, जिनमें 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं पर जांच और 6 परीक्षाएं स्थगित किए जाने की बात कही गई है।
आंदोलन किसी अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं: छात्र नेता
छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी योग्य या निर्दोष अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि मांग केवल ऐसी भर्ती व्यवस्था बनाने की है, जिसमें योग्यता के आधार पर निष्पक्ष चयन हो और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
छात्र नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ लंबित जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी दोहराई है।
15 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 15 सितंबर को होने वाली न्यायालय की सुनवाई में सरकार से उम्मीद है कि वह CID जांच और संबंधित परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों से जुड़े तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के सामने रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ अन्याय होता है तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे 24 जिलों के प्रखंड और गांव स्तर तक जनजुड़ाव अभियान से जोड़ने की बात भी कही गई है।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा अभियान
छात्र नेताओं ने कहा कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना और झारखंड में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के लिए दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।









