सोशल संवाद / जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के जयपाल कॉलोनी से बालीगुमा जल टंकी तक पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान करंट लगने से जान गंवाने वाले मजदूर चेतन यादव के परिजनों को आखिरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा मिल गया। यह राशि ठेकेदार द्वारा मृतक के परिवार को प्रदान की गई। मुआवजा वितरण गिरिडीह से आए परिजनों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया।
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दोनों परिवारों को सौंपा गया मुआवजा
मृतक चेतन यादव गिरिडीह जिले के पेशम पंचायत अंतर्गत पेशम गांव के निवासी थे। मुआवजा राशि का वितरण उनकी दोनों पत्नियों के परिवारों के बीच आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान पेशम पंचायत की मुखिया रागिनी सिंहा के प्रतिनिधि मंडल के साथ मृतक की पत्नी कौशल्या देवी और उनके दो बेटे भी जमशेदपुर पहुंचे।
मुआवजा राशि में 1 लाख रुपये नकद तथा 6 लाख और 3 लाख रुपये के दो अलग-अलग चेक शामिल थे, जिन्हें संबंधित परिवारों को सौंपा गया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ भुगतान
मुआवजा वितरण के दौरान पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद वर्मा, गद्दी पंचायत से जुड़े प्रतिनिधि दिनेश यादव समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
सरयू राय के निर्देश पर हुई पहल
बताया गया कि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के निर्देश पर जनता दल (यूनाइटेड) के पदाधिकारियों और विधायक प्रतिनिधियों ने ठेकेदार से लगातार संपर्क बनाए रखा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास किए।
इस पहल में जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह, बिकास साहनी, पिंटू सिंह, दिनेश कुमार, बीरू सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
बगोदर के पूर्व विधायक ने किया था सहयोग का आग्रह
जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले के बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने भी सरयू राय से फोन पर संपर्क कर बताया था कि मृतक बेहद गरीब परिवार से था और मुआवजा दिलाने में प्रशासन एवं ठेकेदार की ओर से देरी हो रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार की मदद के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।
मुआवजा मिलने के बाद गांव लौटे परिजन
सरयू राय फिलहाल पटना प्रवास पर हैं, लेकिन उन्होंने पूरे मामले की लगातार निगरानी की और अपने प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुआवजा राशि मिलने के बाद मृतक के परिजन और उनके साथ आए प्रतिनिधि अपने पैतृक गांव गिरिडीह के लिए रवाना हो गए।
गौरतलब है कि पेयजल पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान हुई इस दुर्घटना के बाद मजदूर सुरक्षा और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।










