सोशल संवाद / चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल स्थित ब्लड सेंटर को पूर्ण विकसित ब्लड बैंक में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को केंद्रीय निरीक्षण टीम ने अस्पताल पहुंचकर विस्तृत जांच की। कोलकाता से आई विशेषज्ञों की टीम ने ब्लड सेंटर की व्यवस्थाओं, उपकरणों, तकनीकी मानकों एवं आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
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जानकारी के अनुसार निरीक्षण प्रक्रिया लगभग पांच घंटे तक चली, जिसमें टीम द्वारा ब्लड बैंक संचालन से जुड़े प्रत्येक बिंदु की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान आधारभूत संरचना, रक्त भंडारण व्यवस्था, प्रयोगशाला सुविधाएं, सुरक्षा मानकों तथा आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो।
सूत्रों के मुताबिक यदि निरीक्षण रिपोर्ट में सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई जाती हैं, तो चक्रधरपुर ब्लड सेंटर को ब्लड बैंक का दर्जा देने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सकती है। हालांकि निरीक्षण के लिए पहुंची टीम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
ब्लड बैंक की स्थापना होने से चक्रधरपुर अनुमंडल सहित आसपास के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिलेगी। वर्तमान में रक्त की आवश्यकता पड़ने पर मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे शहरों या बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर ब्लड बैंक उपलब्ध होने से आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वैच्छिक रक्तदान को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड बैंक शुरू होने के बाद क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रक्त संग्रहण और सुरक्षित भंडारण की बेहतर व्यवस्था होने से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका लाभ आने वाले समय में हजारों लोगों को मिलने की उम्मीद है।










