सोशल संवाद / डेस्क : Punjab एवं Haryana High Court ने पेंशन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिला बोर्ड (District Board) में दी गई सेवा अवधि को भी पेंशन की गणना के दौरान शामिल किया जाएगा। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जिन्होंने जिला बोर्ड में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद सरकारी विभागों में कार्य किया।
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क्या है High Court का फैसला?
High Court ने अपने आदेश में कहा कि यदि किसी कर्मचारी की जिला बोर्ड में की गई सेवा नियमों के अनुरूप है और बाद में वह सरकारी सेवा में शामिल हुआ है, तो उसकी उस अवधि को पेंशन लाभ से बाहर नहीं रखा जा सकता। ऐसे मामलों में पूरी पात्र सेवा अवधि को पेंशन निर्धारण के लिए गिना जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से उन कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा, जिनकी पेंशन की गणना करते समय जिला बोर्ड में बिताए गए वर्षों को नहीं जोड़ा गया था। अब ऐसे कर्मचारी संशोधित पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ पाने के लिए दावा कर सकते हैं।
सरकार को करना होगा नियमों के अनुसार पालन
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र कर्मचारियों के मामलों में संबंधित विभागों को नियमों के अनुरूप पेंशन का पुनर्निर्धारण करना होगा। इससे भविष्य में इसी तरह के मामलों में भी कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है।
क्यों अहम है यह फैसला?
पंजाब एवं हरियाणा High Courtका यह निर्णय पेंशन संबंधी मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनकी वर्षों की सेवा को पहले पेंशन गणना में शामिल नहीं किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का लाभ कई सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मचारियों तक पहुंच सकता है।









