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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चांडिल में सामूहिक योगाभ्यास, विद्यार्थियों ने दिया ‘करे योग, रहें निरोग’ का संदेश

By Riya Kumari

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चांडिल में सामूहिक योगाभ्यास, विद्यार्थियों ने दिया ‘करे योग, रहें निरोग’ का संदेश

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सोशल संवाद / चांडिल: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नौरंगराय सूर्यादेवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (रूचाप) चांडिल एवं एनएसके स्कूल चांडिल के संयुक्त तत्वावधान में हरा-भरा मैदान में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्य-दीदीजी, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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इस अवसर पर पूरे परिसर में “करे योग, रहें निरोग” का संदेश गूंजता रहा। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य सुब्रत चटर्जी, योग गुरु गुलशन जी, परिमल आचार्य, अशोक शेठी तथा विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदीजी द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।

इसके बाद योग गुरु के मार्गदर्शन में लगभग एक घंटे तक योगाभ्यास सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं योग के वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

योग स्वस्थ और सफल जीवन की कुंजी: सुब्रत चटर्जी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधानाचार्य सुब्रत चटर्जी ने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को मजबूत बनाता है।

उन्होंने कहा, “स्वस्थ जीवन जीना जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी है और योग रोगमुक्त जीवन की कुंजी है।” योग में निरंतरता व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। इससे शरीर का लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मानसिक तनाव कम होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग मानसिक स्पष्टता, आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

योग से मिलता है शारीरिक और मानसिक संतुलन

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति के जीवन में संतुलन, शांति और ऊर्जा का संचार होता है, जिससे वह बेहतर जीवन जी सकता है।

शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के सामूहिक पाठ के साथ हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

यह आयोजन विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और योग की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।

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