सोशल संवाद / डेस्क: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए गांव पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान नेमरा में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं रूपी सोरेन ने मंगलवार रात रांची के हिल व्यू अस्पताल में करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली थी। उनके निधन की खबर से सोरेन परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
नेमरा में हुआ अंतिम संस्कार
बुधवार को रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा लाया गया। यहां गांव के समीप नदी किनारे स्थित श्मशान घाट में करीब 3:20 बजे अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सोरेन परिवार के सदस्य, झारखंड सरकार के कई मंत्री-विधायक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
जिस श्मशान घाट में रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं करीब एक वर्ष पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार हुआ था।
नेताओं ने जताया शोक
रूपी सोरेन के निधन पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सोरेन परिवार लगातार दुखद परिस्थितियों से गुजर रहा है। बाबूलाल मरांडी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी रूपी सोरेन के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई।
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ से साफ नजर आया कि उनके प्रति लोगों में गहरी संवेदना और सम्मान था। नेमरा में पूरे भावुक माहौल के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई।











