सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भीषण गर्मी के बीच जंगलों में लगी आग लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में जंगल धधक रहे हैं, जिससे वातावरण में धुएं की मोटी परत फैल गई है और विजिबिलिटी भी प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए भारतीय वायुसेना (IAF) को राहत एवं आग बुझाने के अभियान में लगाया गया है।

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हिमाचल के कसौली और सोलन में सबसे ज्यादा असर
हिमाचल प्रदेश के सोलन और कसौली क्षेत्र में जंगलों की आग ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। तेज गर्म हवाओं और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैल रही है। कई जंगलों और बागानों तक आग पहुंच चुकी है, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
धुएं के कारण कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई है और लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। प्रशासन ने लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
IAF के हेलिकॉप्टर लगातार चला रहे ऑपरेशन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने Mi-17 हेलिकॉप्टरों को आग बुझाने के अभियान में लगाया है। हेलिकॉप्टरों के जरिए सुखना झील से पानी भरकर जंगलों में गिराया जा रहा है ताकि आग पर काबू पाया जा सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार IAF ने कई मिशन उड़ाकर हजारों लीटर पानी जंगलों में गिराया है। अधिकारियों ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए दिन-रात अभियान जारी है।
उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी बढ़ा खतरा
हिमाचल के अलावा उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई वन क्षेत्रों में भी आग की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बढ़ते तापमान और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग की टीमें और स्थानीय प्रशासन आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में लगी आग से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बड़ी संख्या में पेड़-पौधे जल रहे हैं, जबकि वन्यजीवों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। धुएं के कारण वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
प्रशासन ने लोगों से जंगलों के आसपास आग न जलाने और सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारियों के मुताबिक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल तैनात किए जाएंगे।









