Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

रजनीगंधा पुष्प के औषधिय गुण

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क: रजनीगंधा का नाम लेते ही तरोताजा करने वाले एक सफ़ेद और खुशबू से भरे फुल की तस्वीर आखो के सामने आ जाती है .औषधीय गुणों से भरपूर रजनीगंधा केवल आपके जीवन को नही महकता बल्कि यह आपकी सेहत को भी दुरुस्त रखता है.त्वजा से सम्बंधित बीमारी हो या तनाव इनसब में रजनीगंधा के फूलो का अलग फायदा होता है यह एक सुगन्धित फूलो वाला पौधा है इसके वैज्ञानिक नाम पोलिएन्थेसा है लेकिन भारत में भी इसे बड़े पैमाने पर उगाया जाता है रजनीगंधा को प्रेम और पवित्रता को प्रतिक माना जाता है इस औषधिय गुणों से भरपूर रजनीगंधा को स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना गया है सदियों से यह आयुवेद के लिए अहम् जड़ी बूटी रही है.

इसके अलावा एंटी इफ्लोमेटरी गुण होने के कारन सृजन में भी इसे कारगर माना गया है. इसका तेल जोड़ो के दर्द और सृजन को कम करने के लिए काभी लाभदायक है इसके साथ ही त्वचा  संबंधी समस्याओ के लिए रजनीगंधा का फुल बेहद ही उपयोगी है फूलो के अक्र को त्वजा पर लगाने से मुहासे बढे होए पोर्स और तैलीय त्वजा से राहत मिलती है रजनीगंधा एक फूल वाला पौधा है जो घर को सुगंधित बनाता है और सही दिशा में रखने पर धन, समृद्धि और सफलता लाता है ।

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

घर में समृद्धि और खुशहाली को आमंत्रित करने के लिए रजनीगंधा या रजनीगंधा को पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। फूलों का मौसम जुलाई में शुरू होता है और पूरे साल जारी रहता है। फूलों का चरम समय अगस्त-सितंबर के आसपास होता है।

कटाई पौधे के आधार से स्पाइक्स को काटकर की जाती है। एकल फूलों को भी खिलते ही काटा जाता है ।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Social Samvad Creator