जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज समेत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेसिडेंट (एसआर), जूनियर रेसिडेंट (जेआर) और असिस्टेंट प्रोफेसर की उपस्थिति अब फेस अटेंडेंस के जरिए दर्ज होगी। फेस अटेंडेंस रिकॉर्ड के आधार पर ही इनका वेतन भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में झारखंड के निदेशक चिकित्सा शिक्षा ने सोमवार को निर्देश जारी किया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि शिक्षण और रेसिडेंट स्टाफ की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थिति और वेतन भुगतान की प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। अब रोजाना दो बार फेस अटेंडेंस बनाना अनिवार्य होगा। पहली उपस्थिति ड्यूटी शुरू करते समय और दूसरी ड्यूटी समाप्त होने के समय दर्ज करनी होगी।
कर्मचारियों का वेतन केवल सत्यापित फेस अटेंडेंस रिकॉर्ड के आधार पर ही जारी किया जाएगा। मैनुअल उपस्थिति पंजिका अथवा किसी अन्य माध्यम से दर्ज उपस्थिति को वेतन भुगतान के लिए मान्य नहीं माना जाएगा। सभी मेडिकल कॉलेजों को एसआर, जेआर और असिस्टेंट प्रोफेसरों के साप्ताहिक फेस अटेंडेंस आंकड़े संकलित कर हर सप्ताह निदेशक चिकित्सा शिक्षा को ऑनलाइन भेजने का निर्देश दिया गया है। प्राचार्यों को फेस अटेंडेंस के लिए लगाए गए उपकरणों को दुरुस्त रखने और उनके सुचारू संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। निर्देश में ‘फेस अटेंडेंस नहीं तो वेतन नहीं’ के नियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है।
स्नातकोत्तर छात्रों के प्रोजेक्ट पर हुई चर्चा
जमशेदपुर। एमजीएम कॉलेज में सोमवार को एथिकल कमेटी की बैठक हुई। इसमें स्नातकोत्तर छात्रों के प्रोजेक्ट प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। प्राचार्य के नेतृत्व में सुबह से शाम तक बैठक चली। अधीक्षक, विभागाध्यक्ष सहित अन्य लोग उपस्थित थे। विभिन्न विभागों में पढ़ाई कर रहे स्नातकोत्तर छात्रों के प्रोजेक्ट प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कई प्रस्तावों में सुधार के सुझाव दिए गए।









