सोशल संवाद/डेस्क : केरल में 3 दिन की देरी से प्रवेश के बाद मानसून एक्सप्रेस ने रफ्तार पकड़ ली है। कर्नाटक के समूचे तटीय इलाकों को पार कर मानसून सही समय पर गोवा पहुंच गया। यहां मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 5 जून है। मानसून केरल तट से 35 किमी दूर समुद्र में 12 दिन अटका रहा था। केरल पहुंचकर पहले दिन यह 580 किमी तटीय रेखा में छा गया। अगले दिन कर्नाटक की 350 किमी तटरेखा पार कर गोवा में पहुंच गया।
यह भी पढे : नामकोम-कांड्रा रेल लाइन बनेगी, टाटा-रांची का सफर ढाई घंटे का होगा
शुक्रवार को मानसून रेखा का पश्चिमी सिरा पणजी और मध्य हिस्सा बेंगलुरु और पूर्वी हिस्सा रामेश्वरम तक पहुंच गया। उम्मीद है कि मानसून पूर्वी हिस्से में उत्तर पूर्व के राज्यों के साथ ही मुंबई में समय पर या पहले दस्तक दे सकता है। अगले दो से तीन दिन में मानसून पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। पश्चिम व मध्य हिस्से में महाराष्ट्र, कर्नाटक व तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तक पहुंच सकता है। 10 दिन के अंदर बिहार, झारखंड व ओडिशा के कुछ हिस्सों में एंट्री की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में कई मौसमी सिस्टम बने हैं। गुजरात को छोड़ बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसूनी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 4-5 दिन तक हर राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से लेकर भारी बारिश संभव है। फिलहाल देश में कहीं भी लू की स्थिति नहीं है।
केरल… बारिश से हालात बिगड़े; 7 दिन का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 5 जून तक देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 14% कम दर्ज हुई। हालांकि, पिछले 4 दिन में स्थिति काफी सुधरी है। वर्षा की कमी 40% से घटकर 14% रह गई। अब नजर इस पर रहेगी कि मानसून कितनी तेजी से भरपाई कर पाता है।
जमशेदपुर में प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय, बारिश के आसार
मानसून के देश में एंट्री के बाद झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 जून को धनबाद और आसपास के क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवा और वज्रपात भी हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गतिविधियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर रही हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 37 न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहने का अनुमान है।









