सोशल संवाद / नई दिल्ली : वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को नई दिल्ली में रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश के औद्योगिक, कृषि एवं औषधीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
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निष्क्रिय संपत्तियों के पुनरुद्धार से बढ़ेगी किसानों की समृद्धि
बैठक के दौरान उर्वरक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की निष्क्रिय पड़ी संपत्तियों (NPA) की समीक्षा करते हुए अग्रवाल ने कहा कि देश की मूल्यवान संपत्तियों का निष्क्रिय रहना राष्ट्र की प्रगति में बाधक है।
उन्होंने सुझाव दिया कि इन संसाधनों का पुनरुद्धार कर उर्वरक उत्पादन की क्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब खाद का उत्पादन बढ़ेगा, तभी छत्तीसगढ़ समेत देशभर के अन्नदाताओं के पसीने की सही कीमत मिलेगी और उन्हें समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी।
दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: छत्तीसगढ़ बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब
बैठक में अग्रवाल ने उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से एक्टिव फर्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआई) के उत्पादन और उपलब्धता में आत्मनिर्भरता” विषय पर रसायन और उर्वरक मंत्रालय (औषध विभाग) के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए अपने सुझाव दिए।
सांसद अग्रवाल ने जोर दिया कि एपीआई उत्पादन को बढ़ावा मिलने से न केवल दवाओं की कीमतें कम होंगी, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी औद्योगिक निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए द्वार खुलेंगे।
विकास के सारथी बने बृजमोहन अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “हमारा हर कदम छत्तीसगढ़ समेत देशभर के किसान, मजदूर और युवाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ सीधे हमारे प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यही मेरा प्राथमिक लक्ष्य है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की सहभागिता अब और भी सशक्त होगी।”









