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प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर ‘नन्हें स्वर’ कार्यक्रम आयोजित, बच्चों ने कविता और कहानी पाठ से बांधा समां

By Sharia Nasrah

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*प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर 'नन्हें स्वर' कार्यक्रम आयोजित, बच्चों ने कविता और कहानी पाठ से बांधा समां*

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 सोशल संवाद /डेस्क : मुंशी प्रेमचंद की जयंती की पूर्व संध्या पर निनाद संस्था के तत्वावधान में गुरुवार को सी.पी. समिति मध्य विद्यालय, केबुल बस्ती में ‘नन्हें स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार सिंह ने की। शुभारंभ माँ सरस्वती एवं मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

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कार्यक्रम में कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर आधारित कविता, काव्य एवं कहानी पाठ प्रस्तुत कर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता में कक्षा सात की आयुषी यादव ने प्रथम, कक्षा नौ के समर कुमार ने द्वितीय तथा कक्षा छह की जिया कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं सहित सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन परिचय के साथ उनकी कालजयी कृतियों गोदान, गबन, ईदगाह, नमक का दरोगा, पंच परमेश्वर, पूस की रात और कफ़न के अंशों का प्रभावशाली पाठ प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों को साहित्य के मानवीय मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों से परिचित कराया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद भारतीय समाज के यथार्थवादी साहित्यकार थे, जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज के वंचित और अंतिम पंक्ति के लोगों की पीड़ा को स्वर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों में पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करना समय की आवश्यकता है और ऐसे साहित्यिक आयोजन भाषा, संस्कार, संवेदनशीलता तथा आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं।

निनाद संस्था की संस्थापक पूनम महानंद ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को साहित्य, संस्कृति और भारतीय मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी सामाजिक समानता, ईमानदारी, करुणा और मानवता का प्रेरक संदेश देता है तथा ऐसे कार्यक्रम बच्चों की रचनात्मक क्षमता और पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव परमानंद कौशल, उपाध्यक्ष सालिक दास देवांगन, निनाद संस्था की आकांक्षा, चंद्रमोहन सोरेन, हिमांशु एवं शुभम कुमार पांडेय ने आयोजन में सक्रिय

भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में मनीष सिंह ‘वंदन’ उपस्थित रहे। विद्यालय की अंग्रेजी माध्यम शाखा की प्रधानाध्यापिका लुबना नूर खान सहित कौशिक दत्ता, अर्चना सिंह, त्रिलोचन कौर, सीमा, संगीता मेरी सोरेन, हीरादास मानिकपुरी, अनुसियां कुमारी, रेखा कुमारी, तारकेश्वरी देवी, सुमन सिंह, अनुष्का सिंह, रिचा मिश्रा, मेनका कुमारी, सुमन कुमारी, रीता शर्मा, कृतिका सिंह, सोनम शर्मा एवं विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

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