सोशल संवाद /डेस्क :ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है कि जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित आयुष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अनेक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी प्रखंड सोनुआ अंतर्गत ग्राम मुहुलडीहा निवासी बासुदेव महतो (उम्र-50 वर्ष) की है, जिन्होंने समय पर मिले होम्योपैथिक उपचार से लंबे समय से चली आ रही कमर दर्द की समस्या से काफी राहत प्राप्त की।
श्बासुदेव महतो पिछले कई महीनों से रीढ़ की हड्डी के निचले मध्य भाग में लगातार दर्द से पीड़ित थे। दर्द इतना बढ़ गया था कि उन्हें चलने-फिरने, झुकने तथा दैनिक घरेलू एवं कृषि कार्यों को करने में काफी कठिनाई होती थी। लगातार दर्द के कारण उनका सामान्य जीवन भी प्रभावित हो रहा था। समस्या के समाधान की तलाश में उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, कुईरा द्वारा आयोजित आयुष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में भाग लिया, जहां डॉ.सुशील कुमार, होम्योपैथी चिकित्सक द्वारा उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। रोग की प्रकृति का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने के उपरांत उन्हें उपयुक्त होम्योपैथिक औषधियां उपलब्ध कराई गईं तथा खान-पान, व्यायाम एवं दैनिक जीवनशैली में आवश्यक सुधार संबंधी चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।
डॉ.सुशील कुमार ने रोगी को नियमित रूप से दवा लेने तथा चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। कुछ समय तक उपचार जारी रखने के बसुदेव महतो के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में कमर दर्द में काफी कमी आई है, अब वे बिना अधिक परेशानी के चल-फिर पा रहे हैं तथा अपने दैनिक एवं कृषि कार्य भी पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से कर रहे हैं। इससे उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।
इस अवसर पर डॉ.सुशील कुमार ने कहा कि “आयुष चिकित्सा पद्धति केवल रोग के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी के संपूर्ण स्वास्थ्य एवं जीवनशैली में सुधार पर भी बल देती है। समय पर परामर्श, नियमित दवा सेवन और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से अनेक दीर्घकालिक समस्याओं में अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएँ पहुंचें।”
स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले बासुदेव महतो ने जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “लंबे समय से कमर दर्द के कारण मुझे काफी परेशानी हो रही थी। आयुष स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क परामर्श और दवा मिलने के बाद मेरी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अब मैं पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रहा हूं और अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पा रहा हूँ। मैं इस सेवा के लिए जिला प्रशासन, आयुष विभाग और चिकित्सक डॉ.सुशील कुमार का हृदय से धन्यवाद देता हूं।”
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। आयुष विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को न केवल निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। बासुदेव महतो की सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि समय पर उपचार और नियमित चिकित्सकीय परामर्श से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। जिला प्रशासन भविष्य में भी आयुष सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम के सहयोग से जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से आयुष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं अन्य आयुष पद्धतियों के माध्यम से निःशुल्क परामर्श, दवाइयां एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अनेक मरीज लाभान्वित होकर स्वस्थ एवं बेहतर जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।









