सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटा स्टील कंपनी की स्थापना के साथ शुरू बादामपहाड़ मार्ग की लाइन डबल होने पर संशय है। दक्षिण पूर्व जोन सलाहकार समिति की बैठक में रेलवे ने यह स्पष्ट किया। अरुण जोशी द्वारा कोलकाता बैठक में डबल लाइन का मुद्दा उठाने पर रेलवे ने कहा कि टाटानगर-बादामपहाड़ मार्ग की क्षमता 58 प्रतिशत है। इससे डबल लाइन की जरूरत नहीं है।

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हालांकि, रेलवे ने पहले बादामपहाड़ डबल लाइन का सर्वे कराया था, क्योंकि 2019 में झारखंड की तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने भी यह प्रस्ताव दिया था। जबकि जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने 2017 से कई बार टाटानगर बादामपहाड़ डबल लाइन का मुद्दा लोकसभा में उठा चुके हैं। ओडिशा के यात्रियों का मानना है कि लाइन के डबल होने से मयूरभंज, क्योंझर व रायरंगपुर जिलों से ट्रेनों की संख्या बढ़ने से सहूलियत होगी। टाटानगर और राउरकेला से चार जोड़ी मेमू ट्रेनें रोज बादामपहाड़ से अप-डाउन करती हैं, जबकि शालीमार से बादामपहाड़ और बादामपहाड़ से राउरकेला साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं।
हल्दीपोखर में डबल लाइन की तैयारी में रेलवे
रेलवे ने सलाहकार समिति सदस्य अरुण जोशी को बताया कि हल्दीपोखर में लाइन डबल की योजना है। अप्रैल 2026 में डबल लाइन सर्वे को मंजूरी मिली है। इससे लोडिंग-अनलोडिंग क्षमता बढ़ना तय है। रेलवे 89 किमी के टाटा-बादामपहाड़ के सिग्नल लाइन पर ट्रैक्शन सिस्टम लगा चुका है। बादामपहाड़-क्योंझर व गुरुमहिसानी-बांगड़ीपोसी नई लाइन लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण हो रहा है। इससे भुवनेश्वर व पुरी की दूरी कम होगी।










