सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल पर नवजात बच्ची को बेचने की कोशिश का आरोप लगा है। इस गंभीर मामले के सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है।
यह भी पढे : मानगो नगर निगम मेयर सुधा गुप्ता ने विभिन्न रामनवमी समितियों का किया दौरा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
₹2.6 लाख में नवजात को बेचने की साजिश
जानकारी के मुताबिक, एक पांच दिन की नवजात बच्ची को करीब ₹2.6 लाख में बेचने की डील की जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक दंपत्ति को सोशल मीडिया के जरिए “adoption” के नाम पर संपर्क किया गया।
संदेह होने पर दंपत्ति ने तुरंत पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी, जिसके बाद जाल बिछाकर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया।
अस्पताल मालिक समेत कई गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई में अस्पताल के मालिक, एक ओटी टेक्नीशियन और एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा काम अस्पताल के अंदर से ही संचालित हो रहा था, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
अस्पताल सील, जांच के आदेश
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया और उसे सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही एक विशेष जांच समिति गठित की गई है, जो अस्पताल के रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, डिलीवरी रजिस्टर और मरीजों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं पहले भी इस तरह की गतिविधियां तो नहीं हुई हैं।
बच्ची सुरक्षित, जांच जारी
अच्छी बात यह है कि नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसे फिलहाल चिकित्सा देखरेख में रखा गया है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।









