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अब एक साल की वकालत करके भी बन सकेंगे जज

By Riya Kumari

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अब एक साल की वकालत करके भी बन सकेंगे जज
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सोशल संवाद / डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को न्यायपालिका में प्रवेश स्तर की न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए तीन साल वकालत करने की अनिवार्य अवधि घटाकर एक साल कर दी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत चयनित उम्मीदवारों को न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण लेना होगा और उसके बाद एक साल की क्लर्कशिप करनी होगी।

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सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एजी मसीह और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने 2:1 के बहुमत से 20 मई 2025 को शीर्ष अदालत द्वारा पारित फैसले की समीक्षा से इनकार करते हुए नियुक्ति की शर्तों में बदलाव किया है। कोर्ट ने कहा कि 25 मई, 2025 व 31 मार्च 2027 के बीच अधिसूचित होने वाली न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवार बिना किसी पिछले अनुभव के भी योग्य होंगे।

पांच साल बाद जरूरत हुई तो समीक्षा करेंगे

शीर्ष कोर्ट ने स्वीकार किया है कि बिना किसी ट्रांजिशनल व्यवस्था के 3 साल की वकालत के नियम को फिर लागू करने से युवा वकीलों व लॉ ग्रेजुएट को परेशानी हुई है। इस कारण बदलाव जरूरी था। नई व्यवस्था पांच साल तक लागू रहेगी।

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