सोशल संवाद / नई दिल्ली : कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत गिरने से छात्रों की मौत के लिए केंद्र और दिल्ली की भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे पूरे प्रशासनिक तंत्र की विफलता करार दिया है।
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एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने डीयू में नए हॉस्टलों के निर्माण, अवैध पीजी पर रोक, किराया नियंत्रण कानून बनाने, हादसे के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। एनएसयूआई ने यह भी कहा है कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार नहीं, किलिंग मशीन चल रही है।
कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने केंद्र एवं दिल्ली की सत्तारूढ भाजपा सरकारों से सवाल किया कि आखिर डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) के पास छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल क्यों नहीं हैं? पिछले 10 साल में डीयू के लिए एक भी हॉस्टल क्यों नहीं बना? डीयू की जिन जमीनों को शादी के लिए रेंट पर दिया जा रहा है, वहां हॉस्टल क्यों नहीं बनाया जा रहा?
दोनों नेताओं ने कहा कि इमारत गिरना केवल भ्रष्टाचार का नहीं, लापरवाही और देश के विद्यार्थियों के भविष्य को नजरअंदाज करने का भी मामला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, एमसीडी कमिश्नर और डीयू के कुलपति योगेश सिंह से सवाल पूछा जाना जरूरी है। उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेयर, विधायक, सरकार, एलजी सब भाजपा के हैं, लेकिन छात्रों की जान की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार को एक इमारत ही नहीं गिरी, बल्कि पूरा सिस्टम गिरा है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मलबा पूरी तरह से हटाया नहीं जा सका है और प्रशासन लीपापोती कर वास्तविक स्थिति को छिपाने में लगा है। डीयू में पांच प्रतिशत छात्रों के पास भी हॉस्टल न होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि छात्र अत्यंत बदतर और असुरक्षित स्थितियों में रहने को मजबूर हैं। लगातार ऐसी घटनाओं से छात्रों को जान गंवानी पड़ रही है।
कन्हैया कुमार ने कटाक्ष किया कि भाजपा सरकार का ध्यान हर जिले में पार्टी के पांच सितारा दफ्तर और नई इमारतें बनाने पर तो है, लेकिन छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने में उसकी कोई रुचि नहीं है।
कन्हैया कुमार ने भाजपा से जुड़ी छात्र इकाई एबीवीपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एबीवीपी सिर्फ ड्रामा कर रही है, अगर उसमें हिम्मत है तो उसके नेता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और गृह मंत्री अमित शाह के घर के सामने धरना दें।
कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में एसआरसीसी में दिए भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षित भारत से विकसित भारत बनेगा, झूठ और पीआर से भारत का भला नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों की आवाज लगातार बुलंद करती रहेगी।
वहीं विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि हादसे के समय मौके पर न तो कोई पुलिसकर्मी मौजूद था और न ही कोई मेडिकल या बचाव टीम वहां तुरंत पहुंची। उन्होंने कहा कि हादसे की जानकारी मिलते ही एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे में दबे छात्रों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। उन्होंने नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास चल रहे जर्जर पीजी को भाजपा के संरक्षण में चल रहे मिलीभगत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के सगे-संबंधी प्राइवेट पीजी चला रहे हैं और एमसीडी इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। एमसीडी और प्रशासन केवल वसूली में व्यस्त हैं, जबकि सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।










