सोशल संवाद / रांची : राज्य सरकार अब वैसे किसानों से ही धान की खरीद करेगी, जिन्होंने ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन कार्य करा लिया है। इसे लेकर खाद्य, सावर्जनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और बिचौलिया मुक्त बनाने के लिए की गई है।
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सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि किसानों को अपनी भूमि का सत्यापन अंचल कार्यालय से कराना होगा। ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन की अंतिम तिथि 15 नवंबर तय की गई है। विभाग ने कहा है कि इस अनिवार्यता से फर्जी किसानों और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और वास्तविक किसानों को ही धान अधिप्राप्ति योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सीधा और समयबद्ध लाभ पहुंचाना भी है। बता दें कि वर्ष 2025-26 में सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य 60 लाख क्विंटल रखा था, जिसके विरुद्ध कुल खरीद 49.25 लाख क्विंटल हुई थी। वहीं इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी धान खरीद का लक्ष्य 60 लाख क्विंटल ही रखा था, जिसके विरुद्ध कुल खरीद 40.08 लाख क्विंटल हुई थी।
1.59 लाख किसानों को अब तक एसएमएस भेजा
इधर, किसानों तक जानकारी देने को प्रचार-प्रसार शुरू भी कर दिया गया है। अब तक 1,59,226 पंजीकृत किसानों को एसएमएस किया गया है। कहा गया है कि वे पूरी प्रक्रिया जानने और अधिक सहायता को लैम्पस/पैक्स के साथ प्रखंड व जिला के आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।










