सोशल संवाद / डेस्क : Revamped RGSA योजना के अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
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सशक्त पंचायत नेत्री अभियान प्रशिक्षण
महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सशक्त पंचायत नेत्री अभियान प्रशिक्षण 05 फरवरी से 21 फरवरी तक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में पंचायत की महिला प्रतिनिधियों को नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
PESA सोशल मोबिलाइजर प्रशिक्षण
PESA (पेसा) सोशल मोबिलाइजर का प्रशिक्षण 12 से 14 फरवरी तक आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभा की शक्तियों और अधिकारों की जानकारी दी गई, ताकि वे जमीनी स्तर पर जनजागरूकता बढ़ा सकें।

पंचायत सहायक प्रशिक्षण
पंचायत सहायक का प्रशिक्षण 9 फरवरी से 27 फरवरी तक संचालित हो रहा है। इस दौरान पंचायत कार्यों के सुचारू संचालन, रिकॉर्ड प्रबंधन और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
PESA उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन
जिले के सभी प्रखंडों में एक दिवसीय PESA उन्मुखीकरण कार्यशाला तीन चरणों में 21, 24 और 25 फरवरी को आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम सभा सदस्य, जनप्रतिनिधि और संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य पेसा अधिनियम के प्रावधानों, ग्राम सभा की शक्तियों और अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था, ताकि पंचायत स्तर पर जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, भूमि अधिकार, लघु वन उपज से संबंधित अधिकार और स्थानीय योजनाओं में ग्राम सभा की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्राम सभा सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।
कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
Revamped RGSA योजना के तहत आयोजित ये प्रशिक्षण कार्यक्रम पश्चिमी सिंहभूम जिले में पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्राम सभा की भागीदारी भी मजबूत होगी, जिससे स्थानीय विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।










