सोशल संवाद /डेस्क : भारतीय संसद ने ‘वंदे मातरम्’ विधेयक पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गरिमा की रक्षा करना तथा उसके अपमान या अनादर के मामलों में अधिक मजबूत कानूनी संरक्षण प्रदान करना है। सरकार का कहना है कि यह कानून राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करेगा तथा नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को बढ़ावा देगा।
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विधेयक के पारित होने के बाद राष्ट्रीय गीत के अपमान से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई के प्रावधान पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और उनकी गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्था होना जरूरी है।
संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका का भी उल्लेख किया। ‘वंदे मातरम्’ लंबे समय से देशभक्ति, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता रहा है। ऐसे में इसके सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक को महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
हालांकि, विधेयक के विस्तृत प्रावधान, दंड संबंधी नियम और इसके लागू होने की प्रक्रिया सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद पूरी तरह स्पष्ट होगी। इसके बाद संबंधित एजेंसियां नए कानून के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगी।
इस विधेयक के पारित होने के साथ ही राष्ट्रीय गीत के सम्मान और संरक्षण को लेकर कानूनी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









