सोशल संवाद/जमशेदपुर : निजी अस्पतालों की तर्ज पर अब एमजीएम में भी भर्ती मरीजों को ड्रेस देने का निर्णय अस्पताल प्रबंधन ने लिया है. वार्डों में भर्ती सभी पुरुष मरीजों को ब्लू शर्ट व पायजामा, तो महिला मरीजों को मैरून कलर का गाउन दिया जायेगा. इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ जुझार मांझी ने बताया कि ड्रेस कोड लागू होने से जहां वार्डों में इंफेक्शन कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी, वहीं मरीजों के अपने मन से बाहर चले जाने पर भी रोक लगेगी.

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अगर कोई मरीज बिना बताये वार्ड से बाहर निकलता है, तो नर्सिंग स्टाफ व सुरक्षा गार्ड उसे ड्रेस की मदद से पहचान लेगा. उन्होंने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि साधारण कपड़ों में होने के कारण वार्डों में मरीजों और उनके परिजनों के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है. कई बार बाहरी लोग भी वार्डों में घूमते रहते हैं. मरीजों को भर्ती होने के समय ड्रेस दी जायेगी और डिस्चार्ज के वक्त उसे वापस जमा करना होगा. कपड़ों की धुलाई के लिए अस्पतालों में आधुनिक लॉन्ड्री है. हर मरीज को दो दिनों में ड्रेस को चेंज करना होगा.
इसलिए ड्रेस कोड किया गया लागू
ज्ञात हो कि तीन दिन पहले एमजीएम अस्पताल में भर्ती एक मरीज अस्पताल से निकलकर साकची पुराना कोर्ट के पास पहुंच गया था. उसके परिजनों ने उसको पुराने कोर्ट के पास से ले जाकर एक बार फिर अस्पताल में भर्ती कराया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया.









