सोशल संवाद/रांची : जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जेपीएससी के अभ्यर्थी वसंत कुमार ने यह याचिका दायर की है। याचिका में जेपीएससी और जेएसएससी के अधिकारियों समेत परीक्षा एजेंसी की भूमिका और परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का अदालत से आग्रह किया गया है।
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प्रार्थी का कहना है कि परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने के साथ-साथ उम्मीदवारों से पैसे लेकर नियुक्ति की गयी है। सरकार ने भी गड़बड़ी की बात स्वीकार की है और इसकी सीआईडी से जांच करा रही है, लेकिन सीआईडी जांच सही तरीके से नहीं हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट में भी दायर हो चुकी है याचिकाः
जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका पहले ही दाखिल की जा चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने याचिका दायर कर 19 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने का आग्रह किया गया है। याचिका में विशेष रूप से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ओएमआर शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने का आग्रह किया गया है। प्रार्थी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने या सुप्रीम कोर्ट अथवा झारखंड से बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कमेटी गठित कर जांच कराने का भी आग्रह किया है।
झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है मामला:
प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दायर की गई है। इस पर पूर्व में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और जेपीएससी को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
23 सितंबर को मामले की सुनवाई निर्धारित की गयी है।
हाईकोर्ट में अभ्यर्थी राजेश प्रसाद ने याचिका दायर कर कहा है कि आयोग की ओर से कट-ऑफ अंक जारी करने की प्रक्रिया, ओएमआर शीट अपलोड करने तथा परीक्षा परिणाम में सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रार्थी ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य कथित अनियमितताओं और शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए पूरी प्रारंभिक परीक्षा को निरस्त करने का आग्रह किया है।









