सोशल संवाद / जमशेदपुर : शहर में लगातार चापड़ से हत्या और जानलेवा हमलों की बढ़ती घटनाओं के बाद जिला पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सिटी एसपी ललित मीणा के निर्देश पर शनिवार से शहरी क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चापड़ की बिक्री करने वाली दुकानों की जांच शुरू कर दी। इस अभियान का उद्देश्य धारदार हथियारों की बिक्री पर निगरानी बढ़ाना और अपराध में इनके इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
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पुलिस दुकानदारों से यह जानकारी जुटा रही है कि हाल के दिनों में किन-किन लोगों ने चापड़ खरीदे हैं और क्या खरीददारों की पहचान अथवा उनका विवरण दुकानदारों के पास उपलब्ध है। साथ ही दुकानदारों को बिना पर्याप्त जानकारी के धारदार हथियारों की बिक्री नहीं करने की हिदायत भी दी जा रही है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर चापड़ या अन्य धारदार हथियार लेकर घूमने वाले लोगों की भी सघन जांच की जा रही है। संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हाल के दिनों में शहर में चापड़ का इस्तेमाल कर हत्या, हत्या के प्रयास और मारपीट की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इन्हीं घटनाओं को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। पुलिस का कहना है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की उपलब्धता और उनके अवैध उपयोग पर भी अंकुश लगाना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत सभी थाना क्षेत्रों में लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को पुलिस ने केवल चापड़ की दुकानों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि शहर में व्यापक सुरक्षा अभियान भी चलाया। इस दौरान बार और शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की गई। वहीं प्रमुख सड़कों पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाकर ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच की गई।










