सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली में छात्रों के आंदोलन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने केंद्र सरकार से छात्रों और सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध भी किया।
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प्रीति जिंटा ने क्या कहा?
प्रीति जिंटा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ संवाद शुरू करेगी ताकि उनकी सेहत और अधिक खराब न हो।
उन्होंने लिखा कि “कृपया अपना उपवास खत्म करें, सोनम। आपकी सेहत भी इस लड़ाई जितनी ही महत्वपूर्ण है। आप और छात्र भारत के भविष्य और युवाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की इस कोशिश में मेरा पूरा समर्थन आप सभी के साथ है।” प्रीति ने छात्रों के साहस की सराहना करते हुए उन्हें हिम्मत बनाए रखने का संदेश भी दिया।
कई कलाकारों ने छात्रों के आंदोलन का किया समर्थन
सोनम वांगचुक और छात्रों के आंदोलन को बॉलीवुड की कई अन्य हस्तियों का भी समर्थन मिला है। अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता सोनू सूद, प्रकाश राज, रितेश देशमुख और दिलजीत दोसांझ समेत कई कलाकारों ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सोनू सूद ने की संवेदनशीलता की अपील
अभिनेता सोनू सूद ने छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों से अपील की कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती के बजाय संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की बात सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शबाना आजमी ने कहा- शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार
दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
दिलजीत दोसांझ ने हिंसा की निंदा की
गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर लंबा संदेश साझा करते हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार उचित नहीं है और सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन पर बढ़ी राष्ट्रीय बहस
छात्रों के आंदोलन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों ने सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, यह मुद्दा शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की मांगों और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को लेकर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।









