सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कारोबार, रेल यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुमान के मुताबिक, एक दिन में राजधानी के कारोबार पर करीब 2,000 करोड़ रुपये का असर पड़ा। वहीं, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों, सड़कों पर बैरिकेडिंग और ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बाजारों में कारोबार प्रभावित
प्रदर्शन के दौरान सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग और लाजपत राय मार्केट जैसे प्रमुख कारोबारी इलाकों में कामकाज प्रभावित हुआ। कई बाजार बंद रहे, जबकि खुले बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या कम रही।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच बाधित होने से खुदरा कारोबार के साथ होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर भी असर पड़ा। त्योहारों के मौसम में कारोबारियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है।
मेट्रो और सड़क यातायात से यात्रियों को परेशानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया और सड़कों पर बैरिकेडिंग व रूट डायवर्जन लागू किए गए। इसके कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। कई लोगों को ऑटो, कैब या बाइक राइड का सहारा लेना पड़ा, जिससे यात्रा का समय और खर्च बढ़ गया।
सैकड़ों ट्रेनें रद्द, रेलवे को भी नुकसान
रेलवे ने दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों के आसपास संभावित यातायात बाधा को देखते हुए कई ट्रेनों का परिचालन रद्द किया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 245 ट्रेनों पर असर पड़ा, जिनमें 75 मेल-एक्सप्रेस और 170 यात्री ट्रेनें शामिल थीं। इससे लगभग ढाई से तीन लाख यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान जताया गया।
ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, टिकट रिफंड और परिचालन संबंधी असर के कारण रेलवे को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रद्द हुई ट्रेनों के यात्रियों को अपनी यात्रा टालनी पड़ी या वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा।
कारोबारियों ने त्योहारों तक प्रदर्शन टालने की अपील की
CTI ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से अपील की कि नवरात्र, रामलीला और दिवाली के दौरान बाजारों व आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। संगठन का कहना है कि त्योहारों के समय कारोबार पर असर पड़ने से व्यापारियों के साथ-साथ परिवहन और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी नुकसान हो सकता है।
दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम ने कारोबार और सार्वजनिक परिवहन पर विरोध-प्रदर्शनों तथा सुरक्षा प्रतिबंधों के असर को सामने रखा है।











