जुगसलाई वाटर प्लांट में 22 लाख के उपकरणों पर सवाल, तांबे की जगह लोहे की अर्थिंग लगाने का आरोप

By Riya Kumari

Published :

Follow
जुगसलाई वाटर प्लांट में 22 लाख के उपकरणों पर सवाल, तांबे की जगह लोहे की अर्थिंग लगाने का आरोप

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / जमशेदपुर : जुगसलाई जलापूर्ति योजना के तहत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करीब 22 लाख रुपये के मैकेनिकल उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शिकायत के बाद बुधवार, 28 अक्टूबर को संयुक्त जांच टीम जुगसलाई के एमई स्कूल रोड स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंची। जांच का उद्देश्य उपकरणों की उपलब्धता, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुपालन से जुड़े आरोपों की पड़ताल करना है। फिलहाल जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

यह भी पढ़े : Bokaro News: चक्रवात अर्नब से धान की फसल पर खतरा, बेरमो के किसान परेशान

Sunrise Enclave
Hospital Advertisement

तांबे की जगह लोहे की अर्थिंग लगाने का आरोप

जुगसलाई के अधिवक्ता अमर कुमार तिवारी ने करीब एक वर्ष पहले पेयजल मंत्री और उपायुक्त से इस मामले में लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान करीब 22 लाख रुपये के मैकेनिकल उपकरणों की आपूर्ति में गड़बड़ी हुई।

शिकायतकर्ता के अनुसार, प्लांट में कुछ उपकरण लगाए ही नहीं गए हैं। वहीं, कुछ उपकरणों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि निर्धारित तांबे की अर्थिंग के स्थान पर लोहे की अर्थिंग लगाई गई है।

कम क्षमता का स्टार्टर लगाने और ट्रांसफार्मर में तेल नहीं होने की शिकायत

शिकायत में निर्धारित एमएल-6 स्टार्टर की जगह बीसीएच कंपनी का कम क्षमता वाला स्टार्टर लगाने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, ट्रांसफार्मर में तेल नहीं होने की बात भी कही गई है।

इन आरोपों के सामने आने के बाद अब जांच टीम की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि उपकरणों की उपलब्धता और गुणवत्ता में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

संयुक्त जांच टीम में ये अधिकारी शामिल

जुगसलाई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जांच के लिए पहुंची संयुक्त टीम में जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान और पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक सहाय शामिल थे। टीम ने प्लांट में लगाए गए उपकरणों और शिकायत से जुड़े बिंदुओं की जांच की।

शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की

अधिवक्ता अमर कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि जांच टीम के पहुंचने की जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज हैं। तिवारी ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई या तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया, तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

जुगसलाई जलापूर्ति योजना से जुड़े इस मामले में अब जांच रिपोर्ट पर नजर है। रिपोर्ट आने के बाद ही उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना और गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी भी अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---