राहुल गांधी का छात्राओं को संदेश: पिंजरे तोड़ो, बेबाक बनो और अपने हक के लिए लड़ो

By Riya Kumari

Published :

Follow
राहुल गांधी का छात्राओं को संदेश: पिंजरे तोड़ो, बेबाक बनो और अपने हक के लिए लड़ो

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज: महिला विशेष महारैली’ को संबोधित करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता, समान अधिकार और सम्मान का मुद्दा उठाया। हजारों छात्राओं की मौजूदगी में राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को दबाने वाली मानसिकता के खिलाफ लड़ाई जरूरी है।

यह भी पढे : तमिलनाडु सरकार नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देगी:1.28 लाख अंगूठियों के लिए ₹220 करोड़ का बजट; विपक्ष ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि वे ‘पिंजरे और पितृसत्ता’ को तोड़ें, बेबाक बनें और अपने हक के लिए मजबूती से खड़ी हों। उन्होंने कहा कि वह ऐसा भारत चाहते हैं, जहां लड़कियों को भी लड़कों के बराबर आजादी, सम्मान और अवसर मिले।

‘महिलाओं को पिंजरे में रखने वाली मानसिकता बदलनी होगी’

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने और उनकी स्वतंत्रता सीमित करने वाली सोच पुरानी पितृसत्तात्मक व्यवस्था से आती है। उन्होंने इसे ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ बताते हुए कहा कि इसी सोच के खिलाफ उनकी लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां के रूप में नहीं होनी चाहिए। हर महिला की अपनी स्वतंत्र पहचान और अपने सपने हैं। किसी महिला की पहचान किसी पुरुष के साथ उसके रिश्ते से तय नहीं की जानी चाहिए।

छात्राओं से बोले- अपने हक के लिए खड़ी हों

राहुल गांधी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी महिलाएं हैं। उन्होंने छात्राओं से खुद पर भरोसा रखने, आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर सामाजिक दबाव और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लड़कियों को अपनी आवाज मजबूती से उठानी होगी।

पीएम मोदी और आरएसएस पर भी साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के महिलाओं से जुड़े कथित बयानों का हवाला देते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा।

उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने मंच से इन नेताओं से जुड़े कुछ वीडियो भी छात्राओं को दिखाए।

मंच पर छात्राओं ने साझा की अपनी समस्याएं

महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित इस कार्यक्रम में कई छात्राओं ने राहुल गांधी के साथ मंच पर संवाद किया और अपनी समस्याएं साझा कीं। इस दौरान लोक गायिका नेहा राठौर भी मंच पर पहुंचीं और महिलाओं को डराने-धमकाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए गीत प्रस्तुत किया।

राहुल गांधी ने छात्राओं की बात सुनते हुए महिला सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।

महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने महिलाओं के सामने आने वाली सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में महिलाएं घर और समाज से जुड़े दबाव के कारण अपनी पढ़ाई या नौकरी छोड़ने को मजबूर होती हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें शिक्षा, रोजगार और संपत्ति में समान अधिकार मिलना जरूरी है। उनके मुताबिक महिलाओं को सुरक्षित माहौल और समान अवसर दिए बिना देश की पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

‘बेटी, पत्नी या मां ही महिला की पूरी पहचान नहीं’

राहुल गांधी ने कहा कि समाज में महिलाओं को अक्सर बेटी, पत्नी या मां की भूमिका तक सीमित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन भूमिकाओं में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यही किसी महिला की पूरी पहचान नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि भारत की करोड़ों महिलाओं के अपने सपने और भविष्य को लेकर अपनी सोच है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें आगे बढ़ने की आजादी मिले और उनकी आवाज को सम्मान दिया जाए।

छात्राओं को दिया ‘पिंजरे तोड़ो’ का संदेश

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने छात्राओं से कहा कि वे डर के माहौल में न रहें। उन्होंने उन्हें पितृसत्ता और सामाजिक बंधनों से बाहर निकलने, आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संदेश दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की स्वतंत्रता केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उनका कहना है कि जब महिलाएं बराबरी के साथ आगे बढ़ेंगी, तभी भारत की वास्तविक ताकत सामने आएगी।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Exit mobile version