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Railway New Rules 2026: 1 जुलाई से होगा जन विश्वास अधिनियम, बिना टिकट यात्रा से लेकर धूम्रपान तक बदलेंगे नियम

By Tamishree Mukherjee

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Railway New Rules 2026
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सोशल संवाद / डेस्क : केंद्र सरकार ने आम जनता के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने और भरोसेमंद शासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जन विश्वास अधिनियम-2026 (Jan Vishwas Act 2026) लागू किया है। इस कानून के तहत भारतीय रेलवे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे।

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नए नियमों के अनुसार रेलवे में होने वाले कई छोटे-मोटे अपराधों को अब गैर-आपराधिक श्रेणी में रखा गया है। यानी ऐसे मामलों में यात्रियों को सीधे अदालतों के चक्कर लगाने या जेल जाने की बजाय प्रशासनिक जुर्माना भरना होगा। हालांकि जुर्माना नहीं भरने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान पहले की तरह जारी रहेगा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस संबंध में विभिन्न रेलखंडों के पोस्ट कमांडरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत रेलवे में क्या-क्या बदलेगा?

1. बिना टिकट यात्रा पर बढ़ा जुर्माना

यदि कोई यात्री जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करता है या पुरानी टिकट का दोबारा उपयोग करता है, तो उसे तय दूरी का किराया देने के साथ न्यूनतम 500 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना भरना होगा। जुर्माना नहीं चुकाने पर सक्षम न्यायालय द्वारा 6 महीने तक की जेल या 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

2. दूसरे के नाम की टिकट पर यात्रा करना पड़ेगा महंगा

किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट का इस्तेमाल करने पर टिकट जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा किराए के बराबर या न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। भुगतान नहीं करने की स्थिति में 6 महीने तक की जेल या 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

3. बिना लाइसेंस सामान बेचने वालों पर कार्रवाई

रेलवे स्टेशन या ट्रेन में बिना वैध लाइसेंस के सामान बेचने पर 2000 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे परिसरों और ट्रेनों में भीख मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

4. नशा, गंदगी और अश्लील हरकतों पर सख्ती

यदि कोई व्यक्ति ट्रेन या रेलवे परिसर में नशे की हालत में उपद्रव करता है, अश्लील व्यवहार करता है या गंदगी फैलाता है, तो उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है। ऐसे मामलों में 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उपद्रव जारी रखने पर 6 महीने तक की जेल या 5000 रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।

5. प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर दंड

रेलवे के यात्री क्षेत्र या प्रतिबंधित स्थानों में बिना अनुमति प्रवेश करने और चेतावनी के बाद भी न हटने पर 500 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा।

6. महिला कोच में बैठे पुरुष यात्रियों पर बड़ा जुर्माना

यदि कोई पुरुष यात्री जानबूझकर महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या बर्थ पर बैठता पाया जाता है, तो उसकी टिकट जब्त कर ली जाएगी। साथ ही 2500 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा और उसे तत्काल उस डिब्बे से बाहर किया जाएगा। इस प्रावधान के तहत ट्रांसजेंडर यात्रियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

7. स्टेशन और ट्रेन में धूम्रपान पर कड़ी कार्रवाई

ट्रेन, प्लेटफॉर्म या स्टेशन परिसर में धूम्रपान करते पकड़े जाने पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और टिकट भी जब्त की जा सकती है।

8. रेलवे परिसर में प्रदर्शन और रैली पर प्रतिबंध

रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और पटरियों पर किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन या जुलूस निकालना प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है।

यात्रियों के लिए क्या है फायदा?

जन विश्वास अधिनियम 2026 का मुख्य उद्देश्य छोटे मामलों में कानूनी जटिलताओं को कम करना और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। इससे यात्रियों को अनावश्यक मुकदमों और अदालतों के चक्कर से राहत मिलेगी, वहीं रेलवे प्रशासन को भी नियमों का पालन कराने में आसानी होगी।

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