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लाइसेंसी शराब को बंद कराने में जुटा रेलवे

By Riya Kumari

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लाइसेंसी शराब को बंद कराने में जुटा रेलवे
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सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटानगर स्टेशन रोड में रेलवे लीज की जमीन पर लाइसेंसी विदेशी शराब की दुकान खुल गई है, जिसे बंद कराने का प्रयास रेलवे इंजीनियरिंग विभाग में शुरू है। हालांकि 10 दिन की कवायद के बावजूद रेलवे शराब दुकान को बंद नहीं करा सका।

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Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

हालांकि, टाटानगर इंजीनियरिंग रेलवे विभाग ने लाइसेंसी शराब दुकान को तत्काल बंद करने का नोटिस दिया था, लेकिन संचालक ने रेलवे नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया और बाकायदा शराब की बिक्री जारी है। जानकार बताते हैं कि चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय से विदेशी शराब की दुकान का लाइसेंस रद्द करने के लिए उपायुक्त को पत्र दिया गया है।

इससे टाटानगर के अधिकारियों को जल्द विदेशी शराब की दुकान बंद होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, उत्पाद नियम के तहत स्टेशन रोड स्थित दुकान से शराब बिक्री का लाइसेंस मार्च 2027 तक रद्द होने में संशय है, क्योंकि शराब दुकान का लाइसेंस रद्द होने से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है। फिलहाल रेलवे की सख्ती के बाद भी जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र स्थित लीज की जमीन पर लाइसेंसी शराब की दुकान धड़ल्ले से चल रही है।

मालूम हो कि भारत में शराब दुकान (ठेका) का लाइसेंस संबंधित राज्य सरकार के आबकारी विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार दिया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार की एक्साइज पॉलिसी के तहत आवेदन करना होता है, जो मुख्य रूप से ई-लॉटरी (ड्रॉ) या नीलामी के जरिए आवंटित किया जाता है।

हजारों रुपये सालाना मिलता है दुकानों से किराया

रेलवे लीज नियम के अनुसार, व्यवसाय के लिए आवंटित जमीन पर नशा और विस्फोटक सामग्री की दुकान नहीं खुल सकती है। इसके बावजूद हजारों रुपये सालाना किराया पर रेलवे से लीज पर जमीन लेने वाले ने लाइसेंसी विदेशी शराब की दुकान खुलवा दी। जानकार बताते हैं कि वर्षों पुराने लीज एग्रीमेंट में ऐसे नियम का उल्लेख नहीं होने से लाइसेंसी शराब की दुकान चल रही है।

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