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इंदौर में 21 टन लोहे के scrap से बनाया गया राम मंदिर ,लगे केवल 3 महीने

By admin

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सोशल संवाद / डेस्क : देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक बार फिर सुर्खियाँ बटोर रहा है। और उसका कारण है अयोध्या के राम मंदिर को केवल 3 महीने के समय में बना लेना।जी हा इंदौर में अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है।  इसको बनाने में 20 मजदूरों ने 3 महिनें से ज्यादा मेहनत की है। इसकी खासियत क्या है हम आपको बताते हैं।

दरअसल ये मंदिर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की  प्रतिकृति है । इस प्रतिकृति को 21 टन लोहे के कबाड़ का प्रयोग करके बने गयी है ।इस प्रतिकृति की ऊंचाई 27 फीट, चौड़ाई 26 फीट और लंबाई 40 फीट है। 20 मजदूरों ने मिलकर इसको लगभग 3 महीने में तैयार किया है। और तो और कारीगरों में हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के कारीगर शामिल हैं।

मंदिर अयोध्या के राम मंदिर की हुबहू प्रतिकृति है। इसका प्रारूप इंदौर के दो युवाओं ने मिलकर तैयार किया है। इसमें खास बात यह है कि यह वेस्ट हो चुके लोहे से बनाया गया है। हालांकि इंदौर स्वच्छता में छह बार अपना परचम लहरा चुका है। इसका सबसे बड़ा कारण है इंदौर में वेस्ट मैनेजमेंट सबसे अच्छे तरिके से किया जाता है। जिसका उदाहरण यह राम मंदिर की प्रतिकृति है।

इस राम मंदिर को बनाने में स्क्रैप लोहे के पुर्जे जैसे की पुराने वाहनों के चेचिस, स्ट्रीट लाइट्स के पुराने खम्भे, पुराने खराब झूले, पुरानी टूटी हुई फिसलपट्टिया, पुराने वाहनों के चद्दर, पुरानी गाड़ियों के गियर पार्ट्स, नट-बोल्ट्स, पार्कों की टूटी फूटी ग्रिल, गेट्स आदि पुराने लोहे का उपयोग किया गया है।

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