सोशल संवाद / रांची : राजधानी रांची को देश का प्रमुख आईटी हब बनाने के लिए अत्याधुनिक आईटी पार्क बनाया जाएगा। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2029 तक शुरू किया जाएगा। साथ ही राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना तथा तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश भी बढ़ाया जाएगा।
झारखंड सरकार ने इस योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। पहले चरण में लगभग 20,000 रोजगार सृजित करने और अगले तीन वर्षों में क्षमता बढ़ाकर करीब 75,000 रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य के स्थानीय एवं प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी और उच्च कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित परियोजना के लिए आईआईएम रांची, नई विधानसभा और हाईकोर्ट परिसर के निकट उपलब्ध लगभग 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार हो रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभवतः अक्तूबर में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग का प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा। वहां आईटी पार्क, तकनीकी इकोसिस्टम और जीसीसी मॉडल का अध्ययन करेगा। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश व्यवस्था और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करेगा।
दीपक छाबड़िया से संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चाः सीएम आवासीय कार्यालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आरएमजेड इंफ्रास्ट्रक्चर के अध्यक्ष दीपक छाबड़िया मिले। इस दौरान आईटी पार्क और जीसीसी की स्थापना तथा तकनीकी-औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
आईटी, एआई, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। रांची को आईटी, इनोवेशन और उच्च कौशल रोजगार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना और उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी बात हुई। आरएमजेड की ओर से झारखण्ड में आईटी पार्क, डिजिटल अधोसंरचना
तथा भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर रुचि व्यक्त की गई। मौके पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवंई-गवर्नेस सचिव पूजा सिंघल तथा झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (जेएसएसी) की निदेशक माधवी मिश्रा उपस्थित थीं।
जीसीसी की स्थापना की संभावनाओं पर विशेष चर्चा
जीसीसी की स्थापना की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। जीसीसी के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए आईटी और एआई सेवाओं, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी तथा अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन राज्य से किया जा सकता है। इससे राज्य में निजी निवेश, तकनीकी रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियों के विस्तार को गति मिलने की संभावना है।
निवेश के साथ युवाओं के रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए मजबूत एवं आधुनिक आईटी तथा तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च कौशल आधारित अवसरों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि रांची को आईटी, इनोवेशन और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।











