सोशल संवाद/डेस्क: Delhi के Red Fort area में सोमवार रात हुए भीषण कार ब्लास्ट में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि बीस से अधिक लोग घायल हैं। इस धमाके के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। अब इस घटना से जुड़ी पहली सीसीटीवी तस्वीर सामने आई है, जिसमें संदिग्ध मोहम्मद उमर को ब्लास्ट से पहले हुंडई i20 कार चलाते हुए देखा गया है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में लाल किले के पास भीषण धमाका: 9 की मौत, 40 घायल; एनआईए जांच में जुटी
सूत्रों के मुताबिक, मोहम्मद उमर फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा एक संदिग्ध आतंकी था और अल फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। उमर का करीबी साथी अदील अहमद राथर हाल ही में गिरफ्तार हुआ था, जिसकी सूचना पर सोमवार को फरीदाबाद में छापा मारा गया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उमर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी। फरीदाबाद में गिरफ्तारियों के बाद उसने घबराकर यह ब्लास्ट कर दिया। कार में अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) का इस्तेमाल किया गया था, जिससे धमाका बेहद शक्तिशाली हुआ।
जानकारी के अनुसार, कार को शाम 6:52 बजे फटने से ठीक पहले सीसीटीवी में देखा गया था। यह गाड़ी दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई थी और 6:48 बजे निकली। कुछ फुटेज में पहले चालक का चेहरा साफ दिख रहा है, जबकि आगे चलकर वही व्यक्ति मास्क पहने नजर आता है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने 13 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में सामने आया है कि यह कार कई हाथों से गुजरी सबसे पहले मोहम्मद सलमान के नाम थी, फिर नादिम, उसके बाद एक सेकंड हैंड कार डीलर ‘रॉयल कार ज़ोन’ के जरिए कई बार बेची गई। आखिर में यह कार उमर के पास पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, उमर ने यह कदम डॉक्टर मुझमिल शकील की गिरफ्तारी के बाद उठाया, जिससे करीब 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क एक स्लीपर सेल के जरिए फरीदाबाद से संचालित हो रहा था।
धमाके में अब तक नौ शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से केवल दो की पहचान हो पाई है। बाकी शवों की डीएनए जांच की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में यूएपीए की धारा 16 और 18 सहित विस्फोटक अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।
धमाके की आवाज करीब दो किलोमीटर तक सुनाई दी, जिससे आस-पास की गाड़ियों के शीशे और रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के कांच तक टूट गए। हादसे के बाद चांदनी चौक बाजार को मंगलवार के लिए बंद कर दिया गया है।
दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, और शहर की सभी सीमाओं पर सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब इस पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।










