सोशल संवाद /जमशेदपुर : पितकी फ्लाईओवर का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम साफ रहा और बारिश ने काम में बाधा नहीं डाली तो अगले एक सप्ताह के भीतर फ्लाईओवर के एक लेन से वाहनों का परिचालन शुरू हो सकता है। वहीं, करीब एक महीने बाद दूसरे लेन को भी वाहनों के लिए खोलने की योजना है। एनएचएआई के अनुसार, 20 अगस्त से पहले फ्लाईओवर से यातायात शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके चालू होने से पितकी रेल फाटक समेत आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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फ्लाईओवर पर शुरू हुआ कालीकरण का काम
गुरुवार को पितकी फ्लाईओवर पर पहली बार कालीकरण की एक लेयर बिछाई गई। हालांकि, शाम को हुई बारिश के कारण दूसरी लेयर का काम पूरा नहीं हो सका। मौसम अनुकूल रहा तो बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी है। इसके लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है।
फ्लाईओवर पर कालीकरण के काम का एनएचएआई के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान भाजपा नेता विशाल चौधरी और दिवाकर सिंह भी मौजूद रहे। नेताओं ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से काम को जल्द पूरा करने का आग्रह किया, ताकि लोगों को पितकी रेल फाटक पर रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
केंद्रीय मंत्री को दी गई कार्य प्रगति की जानकारी
भाजपा नेताओं ने फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को फोन के माध्यम से भी दी। बताया गया कि विश्वकर्मा पूजा से पहले जामडीह फ्लाईओवर के एक लेन से वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इसके करीब एक महीने बाद दूसरे लेन को भी चालू किए जाने की संभावना है।
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद श्यामनगर, कांटाडीह, जामडीह और पितकी रेल फाटक के आसपास रहने वाले लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोग लंबे समय से फ्लाईओवर को जल्द चालू करने की मांग कर रहे थे।
1.4 किलोमीटर लंबा है फ्लाईओवर
पितकी फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई। अब अगस्त 2026 के मध्य के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी है।
पितकी फ्लाईओवर की लंबाई करीब 1.4 किलोमीटर है और इसकी ऊंचाई लगभग 12 मीटर होगी। फ्लाईओवर के निर्माण में कुल 56 पिलर लगाए गए हैं। इसके पूरी तरह चालू होने के बाद इलाके में रेलवे फाटक के कारण रुकने वाले यातायात को सुचारू करने में मदद मिलेगी और रोजाना आने-जाने वाले लोगों का समय भी बचेगा।









