सोशल संवाद / सरायकेला : सरायकेला समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने की। इस दौरान लंबित म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), भूमि सीमांकन, अतिक्रमण, सरकारी भूमि संरक्षण, राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
यह भी पढे : वीमेंस यूनिवर्सिटी : वेबसाइट से हटाया यूनिफॉर्म का टेंडर नोटिस
लंबित म्यूटेशन मामलों पर सख्त रुख
उपायुक्त ने सभी अंचलों में लंबित म्यूटेशन मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवेदन समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस और विधिसम्मत कारण के खारिज नहीं किया जाए। साथ ही तकनीकी समस्याओं का समाधान विभागीय समन्वय के माध्यम से तुरंत करने पर जोर दिया गया, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
न्यायालय आदेश वाले मामलों को प्राथमिकता
बैठक में उन म्यूटेशन मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए जो न्यायालय के आदेश के बावजूद लंबित हैं। उपायुक्त ने कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक इन मामलों में स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण पर जोर
उपायुक्त ने सभी अंचल कार्यालयों में नक्शा और खतियान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और सुरक्षित डिजिटल संरक्षण को तेज करने पर बल दिया गया, ताकि रिकॉर्ड पारदर्शी और सुरक्षित रहें।
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
बैठक में भूमि अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जलस्रोतों, राष्ट्रीय और राज्यीय मार्गों के किनारे स्थित सरकारी भूमि की पहचान कर अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।
पीएम किसान योजना और ई-केवाईसी पर फोकस
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लंबित ई-केवाईसी कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों पर अवैध पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया।
पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा पर जोर
अंत में उपायुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इससे आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और राजस्व मामलों का प्रभावी निष्पादन संभव होगा।









